यह बात गलत है…

आप जो यह तस्वीर देख रहे हैं, वह शहर के खंडवा रोड स्थित आईटीआई कॉलेज के पास का दृश्य है। जहां कुल साल पहले तक स्वागत द्वार लगा था, जो अब यहां नही है। क्योंकि काफी समय पहले हवा-आंधी में स्वागत द्वार धाराशायी हो गया था। जिसे फिर से स्थापित नही किया गया। इन सबके बीच सवाल उठना लाजमी है कि आखिर इतने खर्च का क्या औचित्य ? खैर, ये सब आम बात है। परंतु खर्च एवं फिजूल खर्च को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्माया हुआ है। दरअसल, खंडवा रोड स्थित स्वागत द्वार के क्षतिग्रस्त होने के बाद उसे यहां से हटा दिया गया, ताकि किसी तरह का व्यवधान पैदा ना हो। लेकिन हटाने के बाद उसे वापस लगाने अथवा सुधार कार्य की दिशा में बढ़ने के बजाय मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। जिसे अब कई साल हो चुके हैं। ऐसे में मौके पर स्वागत द्वार का निचला का निचला हिस्सा इसकी याद दिलाता है। जो पूरी तरह दुरूस्त होने के साथ साथ मानो स्वागत द्वार की राह ताक रहा है। किंतु इस दिशा में कोई कदम उठता दिख नही रहा है। जिसके चलते लोग अब कहने लगे हैं, कि यह बात गलत है।

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