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Wednesday, 4 November 2026
भोपाल मध्य प्रदेश

आपराधिक प्रकरणों के संबंध में प्रत्याशियों और दलों के लिए निर्वाचन आयोग के निर्देश, करना होगा इन आदेशों का पालन

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मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, इस समय प्रदेश में नाम निर्देशन पत्र यानि नामांकन फॉर्म  भरने का सिलसिला जारी है, इस बीच निर्वाचन आयोग प्रत्याशियों औए राजनीतिक दलों के लिए निर्देश जारी कर उन्हें स्पष्ट कर रहा है कि सभी दलों और प्रत्याशियों को किसी भी निर्देश का उल्लंघन उसकी प्रत्याशी की उम्मीदवारी पर भारी पड़ सकता है, अब आयोग ने प्रत्याशी के आपराधिक प्रकरणों के संबंध में दिशा निर्देश जारी किये हैं।

प्रत्याशी को आपराधिक एवं दोषसिद्ध प्रकरण के संबंध में  करनी होगी घोषणा

निर्वाचन आयोग ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए में अभ्यर्थी यानि प्रत्याशी को अपने पूर्व के प्रचलित अपराधिक प्रकरण एवं दोषसिद्ध प्रकरण के संबंध में घोषणा करना होगी। इसके लिये नाम-निर्देशन पत्र के साथ शपथ पत्र में इसका उल्लेख करना होगा। प्रत्याशी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिये गये प्रारूप एवं उसमें दिये गये सभी विवरण को भरेगा। अभ्यर्थी स्वयं पर लंबित अपराधिक प्रकरण के संबंध में बड़े अक्षरों में विवरण भरेगा। यदि अभ्यर्थी किसी राजनैतिक दल द्वारा टिकट दिये जाने पर निर्वाचन लड़ रहा है, तो उसे स्वयं पर लंबित अपराधिक प्रकरण के संबंध में उस राजनैतिक दल को सूचना देना अनिवार्य होगा।

प्रत्याशी की जानकारी राजनीतिक दल को अपनी वेबसाईट पर दिखाना होगी 

आयोग ने कहा कि प्रत्याशी जिस राजनीतिक दल का प्रत्याशी है वो राजनैतिक दल अभ्यर्थी द्वारा दिये गये स्वयं पर लंबित अपराधिक प्रकरण की जानकारी स्वयं की वेबसाईट में दिखाये जाने हेतु बाध्य होंगे। साथ ही, अभ्यर्थी एवं संबंधित राजनैतिक दल इस संबंध में एक घोषणा जारी करेंगे, जिसे उनके द्वारा समाचार पत्रों एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित/प्रकाशित कराना होगा। प्रकाशन करने से तात्पर्य नाम-निर्देशन पत्र भरने के पश्चात कम से कम तीन बार प्रकाशन /प्रसारण स्थानीय तौर पर अधिक प्रसार संख्या वाले समाचार पत्रों में एवं टीवी चैनलों पर उनके द्वारा कराया जाना होगा। उपरोक्त तीन बार का प्रकाशन अभ्यर्थिता वापसी के अंतिम दिन से चुनाव के 48 घंटे पूर्व की समय सीमा के दौरान कराना होगा। इस संबंध में आयोग द्वारा फार्मेट C-1 में अपराधिक प्रकरणों की जानकारी की घोषणा होगी जिसे अभ्यर्थी द्वारा समाचार पत्र एवं टीवी चैनल में प्रकाशित/प्रसारित करवाया जाएगा।

समाचार पत्र एवं टीवी चैनल में करना होगा प्रचार-प्रसार

निर्वाचन आयोग ने कहा कि फार्मेट C-2 में अभ्यर्थी द्वारा राजनैतिक दल को स्वयं के अपराधिक प्रकरणों की जानकारी दिये जाने के संबंध में घोषणा की जाएगी, जिसका प्रकाशन राजनैतिक दल द्वारा स्वयं की वेबसाईट पर किया जाएगा। इसी तरह फार्मेट C-3 में रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा लिखित में संबंधित अभ्यर्थियों को, जिनके द्वारा अपने शपथ पत्र के फार्म 26 के कॉलम 5 एवं 6 में अपराधिक प्रकरण के बारे में घोषणा की है, उन्हें लिखित में निर्देश दिया जाएगा कि अपराधिक प्रकरण के संबंध में समाचार पत्र एवं टीवी चैनल में इसका प्रकाशन एवं प्रचार-प्रसार किया जाये। अभ्यर्थी द्वारा नाम निर्देशन पत्र भरते समय अपराधिक प्रकरण के संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर के सामने घोषणा करेगा कि मेरे द्वारा राजनैतिक दल को इस संबंध में सूचित कर दिया गया है, जैसा कि फार्म – 26 के पैरा 6A में वर्णित है।

भारत निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि चुनाव में पूरी तरह से पारदर्शिता रखी जानी है, आयोग के निर्देशों का उल्लंघन यदि प्रत्याशी अथवा संबंधित राजनीतिक दल करता है तो उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ा सकता है, संबंधित प्रत्याशी की उम्मीदवारी भी खतरे में पड़ सकती है।

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