जो समय पर नहीं संभलते उन्हें समय सुधार देता है : पं. आशीष दुबे

अनोखा तीर, हरदा। श्री सिद्धेश्वर गौशाला समिति चारूवा द्वारा जेल परिसर में संगीतमय भजनों के साथ सत्संग प्रवचन का आयोजन किया गया। पं. आशीष दुबे ने संगीतमय मधुर भजनों के साथ भक्त प्रहलाद, मीरा, कबीर, रैदास, बाल्मीक, विभिषण का उदाहरण देते हुए लघु प्रसंगों पर प्रवचन वाचन किया। बताया कि जैसे पोलियो की दवा बचपन में असर करती है वैसे संतो द्वारा दिया गया ज्ञान भी बचपन से ही असर करेगा। जैसे धु्रव को बचपन में मॉ से ज्ञान मिला। जो भी गुनाह हुआ हो अब रोज सुबह उठकर क्षमा मांगते हुए परमात्मा को सच्चे भाव से याद करें। मनुष्य को जीवन सुधारने के दो ही रास्ते हंै समय और सत्संग, जो समय पर नहीं सम्भलते उन्हें समय सुधार देता है या सत्संग। बंदियों ने दो घंटे भावविभोर होकर सत्संग का लाभ लिया। सत्संग के पश्चात बंदियों को प्रसादी वितरण किया गया। कार्यक्रम में गौशाला समिति के सदस्य शिवनारायण साध, वेदभूषण दुबे, विजय शर्मा, धीरेंद्र दुवे, निहाल भल्वी, रामविलास यादव एवं जेल स्टाफ उपस्थित रहा। एमएस रावत, जेल अधीक्षक द्वारा पं. आशीष दुवे एवं चारूवा गौषाला समिति का आभार व्यक्त किया गया।

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