जाने अनजाने में गलतियां हो जाती है, पछतावा सभी करते है

11 दिनों की यात्रा का खलबुज़ुर्ग बालाजी हनुमान मंदिर में हुआ समापन

खरगोन- स्नेह यात्रा में शामिल संत व स्वामी  खरगोन की जिला जेल में बंदियों के साथ स्नेह व प्रेम का भाव लेकर पहुँचे। यहां स्वामी हरिओमानंद ने कहा कि मनुष्य का आचरण और कर्म दोनों ही समपर्ण के साथ करना चाहिए। इससे जीवन श्रेष्ठ बनता है। ऐसा करने से ही उच्च फल प्राप्त होता है। ज्ञात हो कि जिले में मप्र शासन के निर्देशानुसार 11 दिनों की स्नेह यात्रा का समापन खलबुज़ुर्ग स्थित बालाजी हनुमान मंदिर में समापन हुआ।

    इस दौरान कलेक्टर  शिवराज सिंह वर्मा भी स्नेह यात्रा में शामिल हुए उन्होंने बंदियों से कहा कि जिंदगी बहुत छोटी होती है। जाने अनजाने में सभी से गलतियां होती है।उन गलतियों पर पछतावा कोई बाहर रहकर करता है तो कोई जेल में रहकर करता है। इसलिए कहा है जब जागो तब सवेरा। हमारे कई महापुरुषों ने जेल के समय का सदुपयोग कर सकारात्मक कार्याे में लगाया। शासन द्वारा कई गतिविधियों जेल में भी चलती है। अगर नही चलती है तो पेपर बैग बनाने की गतिविधि प्रारम्भ कर सकते है। समय का सदुपयोग कर अच्छा इंसान बनने के प्रयास करना चाहिए। इस दौरान महामंडलेश्वर मंगलदास, विजयदास महाराज, विश्वेश्वरानंद हरिद्वार, जेल अधीक्षक  जेएल मंडलोई जनअभियान परिषद के जिला समन्वयक  विजय शर्मा उपस्थित रहें। नर्मदा अष्टक व प्रमाण पत्र वितरण के साथ यात्रा का समापन किया गया।

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