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Monday, 26 October 2026
खंडवा

भाजपा मछुआ प्रकोष्ठ मांझियों का आखेट करने के षड़यंत्र में लगा

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खंडवा- प्रदेश में भाजपा साढ़े अठ्ठारह वर्षों से लगातार सत्ता पर काबिज है और इस दौरान उसने प्रदेश में निवास करने वाले माझी मछुआ समाज से उसका पैतृक धंधा मछली पालन सहित आरक्षण के सारे अधिकार एक-एक कर छिन लिए किन्तु मजाल है कि भाजपा में काम करने वाले इस समाज के काम और विचारों से अपाहिज नेताओं ने कभी समाज की समस्याओं को भाजपा सरकारों के सामने साहसिक तरीके से उठाया हो। और ऐसा भी नहीं है कि समाज के प्रति घोर लापरवाह इन नेताओं को विपक्ष या समाज ने समाज के प्रति उनके निकम्मेपन से खबरदार न किया हो।

यह आरोप लगाते हुए फिशरमेन मछुआ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सदाशिव भंवरिया ने कहा कि भाजपा का मछुआ प्रकोष्ठ समाज की समस्याओं को लेकर 23 जुलाई को भोपाल में बैठक आयोजित कर समाज को इस बैठक हेतु आमंत्रित कर रहा है। वह पूर्ण रूप से समाज को गुमराह करना मात्र है। श्री भंवरिया ने आरोप लगाते हुए कहा कि 23 जुलाई की इस बैठक के आयोजक भाजपा मछुआ प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल चौहान और मछुआ कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कैलाश विनय चार माह पूर्व एमएलए रेस्टहाउस भोपाल में समाज के सर्व संगठनों की आयोजित बैठक में सैकड़ों समाजजनों सहित मेरे साथ उपस्थित थे, जिसमें तय हुआ था कि बाबूलाल चौहान और कैलाश विनय इस बैठक में तयशुदा लोगों के प्रतिनिधि मंडल की पन्द्रह दिन के अंदर मुख्यमंत्री से भेंट कराएंगे और समाज की तमाम समस्याओं पर चर्चा कराएंगे।

किन्तु यह दोनों नेता समाज की पंचायत के उस फैसले को अंजाम तक पहुंचाने में पूर्णत: विफल रहे और उसी विफलता से शर्मिंदा यह लोग अब 23 जुलाई की बैठक की आड़ में समाज को भ्रमित कर भाजपा के गुणगान और सरकारी योजनाओं के बखान कर समाज के वोटो के आखेट की जुगत कर पार्टी की नजरों में अपने निकम्मेपन को छुपाने का प्रयास करेंगे जो एक निंदनीय कृत्य के सिवा कुछ नहीं है। प्रदेश का माझी मछुआ समाज भाजपा और भाजपा सरकार की कथनी और करनी से अब अच्छी तरह वाकिफ हो चुका है और भाजपा से जुड़े अपने सामाजिक नेताओं कार्यकर्ताओं के निठल्लेपन को भी पहचान गया। इसलिए यह लोग अब कितनी भी बैठकें कर लें समाज इनके बहकावे में नहीं आने वाला।

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