कर्तव्य के पथ पर… टीआई राजाराम वास्कले की डूबने से मौत, नदी के स्टॉप डेम से शव निकालते समय हुई घटना

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अनोखा तीर, देवास/नेमावर। जिले के नेमावर थाने पर पदस्थ टीआई राजाराम वास्कले की रविवार को एक हादसे में मौत हो गई। गंभीर अवस्था में उन्हें हरदा जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना क्षेत्र में दौरे पर गए टीआई वास्कले को जामनेर नदी पर बने स्टॉप डेम में एक लाश होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर वास्कले ने पानी में कूदकर उसे निकालने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। उसके बाद फिर उन्होंने उस शव को निकालने का प्रयास किया। इस बार वे ही वहां फंस गए। उसके बाद वहां मौजूद जवानों और ग्रामीणों ने रस्से की मदद से उन्हें निकाला और अस्पताल ले गए। जहां से उन्हें हरदा रेफर कर दिया गया। लेकिन वहां पर डॉक्टरों की टीम ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिले के नेमावर थाने में पदस्थ थाना प्रभारी राजाराम वास्कले अच्छे तैराक थे। वे एक शव निकालने के लिए नदी में कूदे थे, लेकिन भंवर में फंस गए और यही उनकी मौत का कारण बना। उपचार के दौरान थाना प्रभारी की मौत हो गई। उनकी मौत से पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कन्नौद सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि नेमावर के समीप कुंडगांव में जामनेर नदी पर स्टाप डेम बना है। यहां अज्ञात शव की सूचना मिली थी। इस पर टीआइ वास्कले मौके पर पहुंचे। उन्होंने डेम में शव देखा, उसे निकालने के लिए उन्होंने प्रयास किए। इस दौरान वह भंवर में फंस गए।

प्रतिभाशाली व्यक्तित्व के धनी थे वास्कले

40 वर्षीय वास्कले मूल रूप से बड़वानी जिले के कोयड़िया के एक बहुत ही सााधारण किसान परिवार में जन्में, उनके पिताजी सजन वास्कले आज भी गांव में खेती करते हैं। यह वजह है कि राजाराम वास्कले कार्य करते हुए आम व्यक्ति की पीड़ा को ज्यादा करीब से देख पाते थे। वर्ष २०११ में सागर जिले में उनकी नियुक्ति हुई थी। नौकरी के शुरुआती दिनों में ही यूपी और एमपी की बार्डर पर स्थित बीना में ट्रेक्टर चोरी की वारदातों का पर्दाफास किया। वह इंदौर एवं उज्जैन रैंज में भी रहे, यहां कई बड़ी वारदातों का पर्दाफास करने में उन्हे सफलता मिली। उज्जैन में दो अपराधियों के इनकाउंटर भी वास्कले ने किए। उदय नगर थाना क्षेत्र से २७ अपहृत नाबालिकों को तलाश कर उनके घर तक पहुंचाने में कामयाबी हासिल की। श्री वास्कले की विशेषता थी कि अपने कार्य को लगनपूर्वक करते थे। वह मानते थे कि ईश्वर ने उन्हें यह मौका दिया है। जिसके लिए उन्हें पूरी ईमानदारी से कार्य करना चाहिए। वह कहते थे कि यह एक ऐसा विभाग है, जो लगभग हर क्षेत्र से जुड़ा है, यहां रहकर समाज के हर व्यक्ति की मदद की जा सकती है।
उनके आमजन के लिए निरंतर मददगार रहने की आदत के कारण ही आज नदी में एक शव को देखकर उसे निकालने के लिए वह खुद ही कूद पड़े। पिछले दो साल से नेमावर थाने में पदस्थ थे। कल शनिवार को ही नेमावर थाने में २ साल पूरे होने पर स्टाफ द्वारा एक आयोजन किया गया था। करीब एक माह पहले ही उनके यहां बेटी का जन्म हुआ था। उनका एक चार साल का बेटा भी है। वास्कले उज्जैन सायबर क्राइम में भी पदस्थ रह चुके थे। अपनी कार्यशैली के कारण उनकी विशिष्ट पहचान थी। वास्कले अच्छे तैराक थे, लेकिन भंवर के कारण निकल नहीं सके। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने घटना पर दुख जताया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया शोक व्यक्त

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा कि “मध्यप्रदेश पुलिस के ध्येय वाक्य “देश भक्ति- जन सेवा” को श्री वास्केल ने चरितार्थ कर दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार स्वंय को अकेला न समझे, मैं और संपूर्ण प्रदेश उनके साथ है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति देने और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

कृषि मंत्री ने दी श्रृद्धांजलि
हादसे की सूचना के बाद मंत्री कमल पटेल और खातेगांव विधायक आशीष शर्मा हरदा पहुंचे। मंत्री पटेल ने कहा कि हमने कर्तव्यपरायण अधिकारी खो दिया है। परमपिता उनकी आत्मा को शांति दे और अपने चरणों में स्थान प्रदान करें। सरकार उनके परिवार के साथ खड़ी है।

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