खंडवा- हमें अपने माता पिता एवं गुरुजनों की सेवा करते हुए उनकी आज्ञा का पालन करना चाहिए। चाहे कुछ भी कारण रहा हो हमें अपने ईष्टदेव भगवान झूलेलाल जी एवं हिंदू धर्म को नहीं छोड़ना चाहिए। यह अमृतवाणी वर्षा पदम नगर स्थित भगवान झूलेलाल मंदिर में दो दिवसीय धर्म प्रवाहना के माध्यम से सिंध रोहडी वाले दरबार के गादी नशीन पूच्य संत संजय देव साहब ने बड़ी संख्या में उपस्थित समाजजनों पर की। झूलेलाल मंदिर समिति अध्यक्ष भीमनदास जीवनानी ने बताया कि संत के नगरागमन पर असंख्य सिंधी समाजजनों की उपस्थिति में नानकराम बालवानी के निवास से शाम 6 बजे एक विशाल शोभायात्रा बैंड बाजों एवं बग्गी के साथ निकाली गई, जो भगवान झूलेलाल मंदिर पर संपन्न हुई।
शाम 7 बजे झूलेलाल मंदिर में संगीतमय गीतों एवं भजनों का रसपान हुआ। राष्ट्रीय सिंधी समाज प्रदेश प्रवक्ता निर्मल मंगवानी सहित सिंधी समाज की अनेक संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा संतश्री का शाल श्रीफल एवं मोतियों की माला से स्वागत सत्कार किया गया। वहीं रात्रि 9 बजे विशाल भंडारे में भोजन प्रसादी का वितरण हुआ। धर्म प्रवाहना के इस आयोजन में मंदिर समिति पदम नगर के मोहनलाल विधानी, कैलाश मोहनानी, जितेंद्र मोहनानी, जयराम थधानी, मनोज उधलानी, राजेंद्र चेलानी, नरेंद्र तोलानी, प्रकाश थदानी, अच्जू विधानी, प्रहलाद राजानी, महेश सोनी, राधाकिशन बालवानी आदि सहभागी रहे। जल व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्था में पार्षद प्रतिनिधि रवि खटवानी का विशेष सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ।
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