खंडवा- देवी अहिल्या की जयंती पर कन्या महाविद्यालय में अभाविप इकाई द्वारा रंगोली से आकृति बनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान प्रमुख रूप से प्रांत कला मंच सह प्रमुख श्रद्धा भमोरे ने कहा की अहिल्याबाई ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भारत-भर के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए, घाट बँधवाए, कुओं और बावडिय़ों का निर्माण किया, मार्ग बनवाए-सुधरवाए, भूखों के लिए अन्न सत्र (अन्यक्षेत्र) खोले, प्यासों के लिए प्याऊ बिठलाईं, मन्दिरों में विद्वानों की नियुक्ति शास्त्रों के मनन-चिन्तन और प्रवचन हेतु की। अपने जीवनकाल में ही इन्हें जनता ‘देवीÓ समझने और कहने लगी थी। विकट परिस्थितियों में अहिल्याबाई ने जो कुछ किया और बहुत किया। वह चिरस्मरणीय है।
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