अनोखा तीर, हरदा। शहर की अजनाल नदी में रविवार दोपहर को एक ओर बड़ा हादसा हो गया। नदी में नहाने के लिये पहुंचे तीन लड़कों की पानी में डूबने से मौत हो गई है। घटना दोपहर साढ़े 12 बजे के आसपास की है। इसकी खबर मिलते ही पेड़ीघाट पर लोगों का हुजूम लग गया। इन्हीं में से कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे होमगार्ड एवं गोताखोरों ने तीनों लड़कों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला। वहीं तुरंत सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया। इस बीच एसडीएम महेश कुमार बमहना एवं सिविल लाइन टीआई राजेश साहू अस्पताल पहुंचे। इस दौरान मृत लड़कों की पहचान को लेकर थोड़ी पड़ताल करनी पड़ी। हालांकि शाम होते-होते लड़कों के परिजन तथा करीबी रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम एवं आवश्यक कार्रवाई उपरांत तीनों के शव उनके परिजनों को सौंप दिए हैं।
तीनों केटरिंग का काम करते थे
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में मालूम हुआ कि मृतक सोनू बघेल, तिलक चौरे और मोहित बामने तीनों गहरे दोस्त थे। वहीं इनदिनों शादी-समारोह के चलते केटरिंग का काम करते थे। इसके लिये शनिवार को अपने गांव हिवाला थाना छीपावड़ से हरदा पहुंचे थे। रात्रि में काम खत्म होने के बाद दूसरे दिन यानि रविवार को घर जाने से पहले नदी में नहाने व कपड़े धोने के लिहाज से अजनाल के पेड़ीघाट पहुंचे थे।
... ओर गहरे पानी में समा गए तीनों
बताया जा रहा है कि नहाते-नहाते तीनों में से एक नदी के बीचों-बीच पहुंच गया था, जहां गहरे पानी के कारण हड़बड़ाने लगा। तभी एक-दूसरे को बचाने के चक्कर तीनों गहरे पानी में समा गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इसकी सूचना मिलते ही खेड़ीपुरा निवासी राजेश कहार व अन्य लोगों ने नदी में कूदकर लड़कों की तलाश की। इस दौरान एक-एक करके तीनों लड़कों को अचेत हालत में बाहर निकाला गया। दो बालक को सिविल लाइन पुलिस तथा एक बालक को एसडीईआरएफ की टीम अस्पताल लेकर आई।
4-4 लाख रूपए की मिलेगी सहायता
एसडीएम महेश कुमार बमहना ने बताया कि नियम अनुसार मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रूपए की सहायता राशि मुहैया कराई जाएगी। गौरतलब है कि बीतें एक महिने में तीन हादसों में 8 बालकों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसको लेकर कोई सख्त कदम नही उठाए गए। जिसके चलते एक के बाद एक बच्चों के डूबने की घटना सामने आ रही है। इस संबंध में जागरूक नागरिकों का कहना है कि पहली घटना के बाद ही प्रशासन को सचेत हो जाना चाहिए था। वहीं गहरे पानी अथवा हादसे की गुंजाइश वाले इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने थे। मगर ऐसा कोई भी प्रभावी कदम उठता दिखाई नही दिया।
इधर, गौरव दिवस कार्यक्रम निरस्त
हरदा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम हिवाला में रहने वाले तीन लड़कों की नदी में डूबने के कारण असामयिक मृत्यु के चलते गांव समेत पूरे क्षेत्र में शोक विद्यमान है। इस क्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल के निर्देश पर नपाध्यक्ष भारती कमेडिया ने गौरव दिवस कार्यक्रम को निरस्त किए जाने की बात कही है। यह कार्यक्रम 17 मई को स्थानीय मिडिल स्कूल ग्राउंड पर प्रस्तावित था। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित अन्य गतिविधियों की तैयारियां जारी थी। मुख्य नपा अधिकारी ज्ञानेन्द्र कुमार यादव ने कहा कि परिषद ने गौरव दिवस कार्यक्रम निरस्त कर शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।
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