-तकनीक के जरिए सुरक्षा और शिक्षा को मिला नया आयाम
अनोखा तीर, हरदा। तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में डिप्लोमा विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए आधुनिक और उपयोगी प्रोजेक्ट्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। पॉलिटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों ने साइबर सिक्योरिटी, व्यक्तिगत सुरक्षा और शिक्षा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट विकसित कर अपनी तकनीकी क्षमता और नवाचार सोच का शानदार प्रदर्शन किया।
‘सिक्योर ड्राइवÓ बना सुरक्षित क्लाउड स्टोरेज का स्मार्ट समाधान
छात्र विष्णु यदुवंशी और वैष्णवी यदुवंशी द्वारा विकसित सिक्योर ड्राइव एक स्मार्ट और सुरक्षित वेब-आधारित क्लाउड स्टोरेज प्लेटफॉर्म है। इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक है, जिससे उपयोगकर्ता की निजी फाइलें पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं और किसी तीसरे पक्ष या वेबसाइट एडमिन तक उनकी पहुंच नहीं हो पाती। एचटीएमएल, सीएसएस, जावा स्क्रिप्ट, पीएचपी और माय एसक्यूएल जैसी तकनीकों से तैयार इस प्लेटफॉर्म में फाइल एन्क्रिप्शन-डिक्रिप्शन, वायरस और मैलवेयर स्कैनिंग जैसी उन्नत सुविधाएं दी गई हैं। साथ ही, उपयोगकर्ता लिंक या क्यूआर कोड के माध्यम से सुरक्षित फाइल शेयरिंग भी कर सकते हैं।
‘आर्मर सिक्योरÓदेगा खतरे से पहले सुरक्षा अलर्ट
छात्र पवन सिंह राजपूत, अमित उमरिया और रोहित बिल्लौर द्वारा तैयार आर्मर सिक्योर एआई और आईओटी आधारित स्मार्ट सुरक्षा एवं चेतावनी प्रणाली है। यह प्रोजेक्ट पारंपरिक पैनिक बटन सिस्टम की सीमाओं को दूर करने का प्रयास करता है। फ्लटर और जेंगो तकनीक पर आधारित यह सिस्टम पहनने योग्य आईओटी डिवाइस के माध्यम से उपयोगकर्ता की हार्ट रेट, बॉडी टेम्परेचर और मूवमेंट जैसी गतिविधियों की लगातार निगरानी करता है। इसके साथ ही, मोबाइल एप्लिकेशन बैकग्राउंड में चीख, संकट संकेत या विशेष पैनिक कीवर्ड को पहचानने के लिए ऑडियो रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रोजेक्ट भविष्य में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
‘गुरू डायरीÓ शिक्षकों के लिए बना डिजिटल सहायक
छात्र सतीश रंगीले, पायल गौर और काजल राजपूत द्वारा विकसित गुरू डायरी शिक्षकों के लिए तैयार किया गया एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो पारंपरिक शिक्षण डायरी का आधुनिक विकल्प प्रस्तुत करता है। यह ऑफलाइन मोबाइल एप शिक्षकों को उपस्थिति दर्ज करने, प्रोग्रेसिव मार्क्स अपडेट करने, टाइम टेबल मैनेज करने और अध्ययन नोट्स तैयार करने की सुविधा देता है। इंटरनेट की आवश्यकता केवल बैकअप के लिए होती है। इसके अलावा, एप में लेक्चर अलर्ट और अवकाश संबंधी जानकारी जैसी सुविधाएं भी शामिल की गई हैं, जिससे शिक्षकों का कार्य अधिक व्यवस्थित और सरल बनता है। इन प्रोजेक्ट्स ने यह साबित किया है कि डिप्लोमा विद्यार्थी केवल तकनीकी ज्ञान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग भी कर रहे हैं।
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