Skip to content
Friday, 23 October 2026
हरदा

क्षतिग्रस्त रपटे से जवारधा के ग्रामीण परेशान, बारिश में गांव का संपर्क टूटने का संकट

2 min read
Text Size:

अनोखा तीर, रहटगांव। रहटगांव तहसील क्षेत्र के वनग्राम जवारधा के पास गंजाल नदी पर बना रपटा क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान रपटे पर पानी आने से गांव का संपर्क कट जाता है और ग्रामीण गांव में ही कैद होकर रह जाते हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव में लगभग 70 मकान और 500 से अधिक आबादी निवास करती है। बरसात के दिनों में गंजाल नदी पर पानी आने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। पानी कम होने के बाद भी क्षतिग्रस्त रपटे से आवाजाही जोखिमभरी बनी रहती है। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, प्रसूता महिलाओं और गंभीर मरीजों को होती है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष वन विभाग और ग्राम पंचायत के सहयोग से ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं जेसीबी की मदद से रपटे में मुरम भरकर आवागमन सुचारु कराया गया था, लेकिन बारिश का पानी आने के बाद फिर से स्थिति पहले जैसी हो गई। जानकारी के अनुसार इस मार्ग का उपयोग दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग हर्रई होते हुए बैतूल मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए करते हैं। रपटा क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। वन समिति अध्यक्ष नंदराम धुर्वे एवं ग्रामीण रामगोविंद मोरे, रामदास, हरिओम कलमें और गोलू कांकड़े ने मांग की है कि वन विभाग, राजस्व विभाग या ग्राम पंचायत द्वारा रपटे का शीघ्र जीर्णोद्धार कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि आवश्यकता होने पर तेंदूपत्ता लाभांश राशि से भी यह कार्य कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क बना रहे।

0 Views
What do you think?

Leave a Reply