गणेश पांडे, भोपाल। 2018 बैच के आईएफएस अधिकारी मयंक गुर्जर का भोपाल आना महंगा पड़ सकता है। इसका कतई मतलब यह नहीं है कि वे बिना अनुमति के भोपाल आ गए। वे जिस वाहन से भोपाल आए, उसके कारण विवादों से घिर गए हैं। शुक्रवार को आईएफएस एसोसिएशन के व्हाट्सएप गु्रप पर सीनियर अधिकारियों ने उनकी आलोचनाएं की। दरअसल, अलीराजपुर डीएफओ मयंक गुर्जर किराए की इनोवा कार और उस पर हूटर लगाकर भोपाल आ गए। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाके रोशनपुरा के एक रेस्टोरेंट के सामने वाहन खड़ा कर दिया। किसी ने उनके वाहन को अपने कैमरे में कैद कर लिया या फोटो वायरल होते हुए आईएफएस अधिकारियों के व्हाट्सएप पर पहुंचा, फिर क्या था। सीनियर अधिकारियों ने उनके वाहन को लेकर नियमों का हवाला देते हुए उठाने लगे। सीनियर अधिकारियों का कहना है कि डीएफओ को जब स्कॉर्पियो आवंटित है तो फिर किराए की इनोवा लेने की क्या जरूरत है? एक अन्य सीनियर अधिकारी ने बताया कि डीएफओ सुरक्षा की दृष्टि से कैंपा फंड अथवा तेंदूपत्ता फंड से किराए की गाड़ी लेने का प्रावधान है। लेकिन वह केवल बोलेरो ही किराए से ले सकता है। कुछ अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि अधिकारियों को पे-स्केल के आधार पर वाहन किराए पर लेने का अधिकार है। फिर डीएफओ यह पे-स्केल इतना अधिक नहीं है कि वह इनोवा जैसी लग्जरी गाड़ी किराए पर ले सके। अधिकारी का कहना यह भी है कि इनोवा कार और उस पर हूटर लगाना तो गैर कानूनी भी है।
इनका कहना है…
किराए की वाहन इनोवा और उस पर हूटर लगे संबंधित सवाल के जवाब में अलीराजपुर डीएफओ मयंक गुर्जर ने अपना पक्ष रखने से इंकार कर दिया है।
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