अनोखा तीर, हरदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में अपने मन की बात की बात तो देश की भोली भाली जनता पर थोप दी। लेकिन जनता के मन की बात नहीं सुनी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओम पटेल ने कहा कि मन की बात के 100 वें एपिसोड की सूचना को बड़े ही धूमधाम से फैलाया गया। लेकिन चीन, अडानी, बढ़ती आर्थिक असमानता, महंगाई के साथ रोज उपयोग होने वाली आवश्यक वस्तुओं के बढ़ते दाम, जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में आतंकी हमले, महिला पहलवानों का अपमान, किसान संगठनों से किए गए वादों को पूरा न करना, भ्रष्टाचार, भाजपा से करीबी संबंध रखने वाले ठगों, किसान की आय दुगनी करना और भी कई सामयिक समस्याओं पर आम जनता की आवाज उन्हे नहीं सुनाई नहीं दे रही है। इस प्रकार सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रधानमंत्री मौन हैं। मन की बात कार्यक्रम के निदेशक की अकादमिक योग्यता पर खुद शिक्षा मंत्रालय ने ही सवाल उठाए हैं। देश के ऊपर कर्ज, रुपए में 50 प्रतिशत की गिरावट इस पर भी कभी कुछ बोले। कभी मीडिया के सवालों पर भी अपनी बात रखे। इतने सालों अभी तक आपने एक भी इंटरव्यू मीडिया को नहीं दिया। आम पटेल ने कहा कि भारत एक लोकतंत्रक देश हैं केवल अपने मन की बात न सुनाएं देशवासियों के मन की बात भी सुने। श्री पटेल ने कहा कि आपको इस प्रकार की सभी बातों पर ध्यान देना चाहिए देशवासियों के मन की बात सुननी चाहिए।

