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Friday, 30 October 2026
बैतूल

पुलिस बल पर कुल्हाड़ी से हमला

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अनोखा तीर, बैतूल। जिले के बोरदेही पुलिस थाने के मंडई गांव में बीती रात एक मामले में पूछताछ के लिए पहुंचे पुलिस बल पर हमला हो गया। युवक के परिजनों ने टीआई समेत 3 अन्य पुलिसकर्मियों पर कुल्हाड़ी और अन्य हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में बोरदेही के एक एएसआई को गंभीर चोट आई है। टीआई समेत 3 अन्य पुलिस कर्मी भी घायल हुए हैं। सभी को इलाज के लिए मुलताई के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुबह एसपी सिद्धार्थ चौधरी, एएसपी नीरज सोनी ने मुलताई पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों के हाल जाना है। जानकारी के मुताबिक श्रीराम फाइनेंस कंपनी मुलताई द्वारा बोरदेही पुलिस को सूचना दी गई थी कि मंडई निवासी मिथुन पिता शिट्टी मगरदे द्वारा कंपनी से लोन लेकर अपना ट्रैक्टर थर्ड पार्टी को बेच दिया है। उसके द्वारा लोन किश्त नहीं चुकाई जा रही और ना ही वाहन से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इस पर बीती रात बोरदेही टीआई मुकेश ठाकुर, एएसआई मुकेश ठाकुर, आरक्षक रोहन और कन्हैया मिथुन के मंडई स्थित आवास पूछताछ के लिए गए थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह अपने घर पर मौजूद है, जब बोरदेही थाना के 4 लोगों का स्टाफ पहुंचा तो पूछताछ के दौरान परिजनों ने मिथुन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इसी दौरान पुलिस ने उसके भाई अरुण को घर का दरवाजा खोलने को कहा तो मिथुन के पांचों भाई अशोक, अन्नू, सोनू, संतोष, अरुण और पिता शिट्टी द्वारा अचानक टीआई समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर कुल्हाड़ी, फरसा लेकर हमला कर दिया। इस घटना में एसआई मुकेश ठाकुर के सिर पर गंभीर चोट लगी है। टीआई समेत 2 आरक्षकों को भी चोट आई है। सूत्रों की माने तो हमलावरों की संख्या अधिक होने के कारण पुलिस बल जान बचा कर वापस आ गए। टीआई ने घायल एसआई को रात में मुलताई थाना में भर्ती किया है। घटना की जानकारी मिलते ही सुबह एसपी सिद्धार्थ चौधरी और एएसपी नीरज सोनी ने मुलताई पहुंचकर घायल पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य का हाल जाना है। उधर पुलिस ने हमला करने वाले लोगों की तलाश शुरू कर दी है। उन पर हत्या के प्रयास समेत शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट के मामले दर्ज हो सकते हैं।

एसडीओपी की लापरवाही फिर उजागर

इस मामले में एक बार फिर मुलताई एसडीओपी नम्रता सोंधिया की लापरवाही उजागर हुई है। रात 1 बजे पुलिस बल पर हमले की घटना के बावजूद सुबह तक अपने वरिष्ठ अधिकारियों एसपी और एएसपी को बताना उचित नहीं समझा। इसी वजह से आरोपियों को भागने का भी मौका मिल गया। यदि एसडीपीओ अधिकारियों को सूचना देंती तो रात को ही बैतूल से पुलिस बल भेजकर आरोपियों को पकड़ा जा सकता था। इससे पहले भी उनके मुलताई थाना क्षेत्र में 4 पुलिस कर्मियों की ढाबे पर पिटाई हो चुकी है, लेकिन हनुमान जन्मोत्सव के दिन हुई इस घटना में आज तक संबंधित लोगों के खिलाफ कार्यवाही नहीं हो पाई है। इससे एसडीपीओ की कार्यप्रणाली खासी चर्चा में है।

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