मुकेश सोनी आठनेर- नगर से 3 किलोमीटर दूर धार्मिक स्थल गुरु गोरखनाथ मंदिर में 20 अप्रैल की शाम में चली तूफानी हवा के कारण क्षेत्र के कई खेतों के एवं आठनेर सहित आसपास के कई ग्रामों में पुराने वृक्ष टूटे एवं जमीन दोष हो गया है वही गुरु गोरखनाथ मंदिर में वर्षों पुराने एक वृक्ष कल भारी आंधी तूफान के कारण जमीन दोस्त हो रहा था कि गोरखनाथ मंदिर पर जैसे ही यह वृक्ष गिरने को आया वह वृक्ष गोरखनाथ बाबा के सामने स्थित हवन कुंड में एक त्रिशूल लगा हुआ था जैसी वृक्ष गोरखनाथ बाबा के मंदिर की तरफ झुका वैसे ही उस त्रिशूल ने सुरक्षा को अपनी नोक पर टिका लिया है पूरा वृक्ष जमीन पर गिरने वाला था कि उस त्रिशूल ने उस वृक्ष को बाबा के मंदिर पर गिरने से बचाते हुए अपनी नोक पर रोक रखा है जैसे ही या खबर नगर में पहुंची सभी लोग उस दृश्य को देखने के लिए पहुंचे एवं उस त्रिशूल पर सुरक्षा का पूर्ण आभार अभी भी उस त्रिशूल ने संभाल रखा है ज्ञात रहे की यह चमत्कार नहीं तो क्या है इसे इस दृश्य को देखने आठनेर सहित आसपास के ग्रामों के लोग बाबा गोरखनाथ की आस्था को देखने पहुंच रहे हैं और यह आस्था साक्षात दिखाई दे रही है

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