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Thursday, 22 October 2026
भोपाल

बुरहानपुर वन विभाग की बड़ी सफलता

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–अतिक्रमणकारियों को हो सकता है 7 साल का कारावास

 

गणेश पांडे, भोपाल। बुरहानपुर वन मंडल के अधिकारियों ने 13 अतिक्रमणकारियों को सोमवार को धर दबोचा। वन विभाग ने गिरफ्तार किए गए अतिक्रमणकारियों को न्यायालय में पेश कर जेल की हवा खाने के लिए भेज दिया। फारेस्ट अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48-ए, 49-बी, 50, 51 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। इन धाराओं के तहत अधिकारियों को 7 साल की सजा हो सकती है। सोमवार 2-3 अप्रैल की दरमियानी रात में गुड़ी गोंदवाड़ी मार्ग पर वन विभाग के चेकिंग प्वाइंट पर उपस्थित वन अमले ने क्रूजर गाड़ी को रोक कर पूछताछ की। वाहन में ड्राइवर के अलावा 13 व्यक्ति मौजूद थे। उनके द्वारा दी गई जानकारियां संदेहास्पद होने के कारण उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान 13 संदिग्धों के पास 8 गोफन, 2 कुल्हाड़ियां, एवं पैंगोलिन के शल्क/स्केल्स पाए गए। तुरंत नावरा वनपरिक्षेत्र अधिकारी सीताराम नरगेश मौका स्थल पर पहुंचे और वनमण्डल अधिकारी अनुपम शर्मा को सूचित किया। स्थिति स्पष्ट होने के उपरांत देर रात में ही अतिरिक्त वन अमले को बुलाया गया और संदिग्धों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उप वनमंडल अधिकारी नेपानगर अनिल विश्वकर्मा के समक्ष हुई पूछताछ में अतिक्रमणकारियों ने बताया कि वे 4 दिन पहले ही बड़वानी जिले के सेंधवा एवं वरला तहसीलों से आए थे और संतोषी माता मंदिर के पास घाघरला के जंगलों में अवैध कटाई कर रहे थे। साथ ही यह भी पता चला कि कई बार उनके समूह द्वारा हिरण, जंगली सुअर, जंगली खरगोश, पैंगोलिन जैसे बेजुबान मासूम जानवरों को भी मार कर, भून कर, खाया गया है।

 वन्य प्राणी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध

अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 48-ए, 49-बी, 50, 51 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पैंगोलिन स्केल्स वाहन में पाए जाने के कारण अतिक्रमणकारियों के वाहन क्रूजर गाड़ी को भी वन विभाग द्वारा जब्त कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 अंतर्गत पैंगोलिन सूची-1 की प्रजाति है, जो सबसे अधिक संरक्षित है। इसके शिकार अथवा अवशेष के अवैध परिवहन पर 7 साल तक के कारावास एवं भारी जुर्माने का प्रावधान है।

अभी पुलिस की पकड़ से दूर है कुख्यात अतिक्रमणकारी

वन विभाग के अमले ने अतिक्रमणकारियों को पकड़कर उन्हें जेल भेज दिया। किंतु बुरहानपुर पुलिस अभी तक कुख्यात अतिक्रमणकारियों को नहीं पकड़ पाई है। वे खुलेआम घूम रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भी पुलिस को सख्त हिदायत दी गई है कि जंगल काटने वालों को कतई न बख्शा जाए। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों का नेतृत्व करने वाले फूलसिंह सुबला, रेवसिंह और लीलाराम जैसे कुख्यात अपराधी पर अतिक्रमण करवाने के अलावा कई संगीन अपराधों में संलिप्त होने के बावजूद भी अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। जबकि इनके खिलाफ पुलिस रोजनामचे में भी अपराध दर्ज है। इसके अलावा रतन बारेला, मंगल बारेला, अविनाश, रमेश, आल सिंग, भीम सिंग, दूर सिंग, श्यामू, जान सिंग, सुरपाल, सुखलाल और नवल के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बावजूद भी पुलिस ने अभी तक गिरफ्तारी नहीं की है। पिछले हफ्ते पुलिस ने अपनी छवि सुधारने के लिए कथित अतिक्रमणकारियों से तीन और गोफन जमा कराएं और उन्हें अतिक्रमण नहीं करने की शपथ दिलाते हुए छोड़ दिया। नतीजा यह हुआ कि 24 घंटे के भीतर अतिक्रमणकारी फिर जंगल में घुसकर अवैध कटाई की।

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