अनोखा तीर, हरदा। राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नई आबकारी नीति के बाद प्रदेश के इतिहास में पहली बार १ अप्रैल से शराब के अहाते बंद होने जा रहे हैं। इससे प्रदेश में संचालित लगभग 3 हजार से अधिक शराब के अहाते अब हमेशा के लिए वीरान हो जाएंगे। शराब के शौकीनों के लिए अब अपने घर या बार बस दो ही ऐसे स्थान रहेंगे, जहां पर वे मदिरापान कर सकेंगे। इनके अलावा यदि किसी ने कहीं अन्य स्थान पर खुले में शराब पार्टी करने की कोशिश की तो प्रदेश शासन की पुलिस डंडे से उसका स्वागत करेगी। जानकारी के अनुसार शासन की इस नीति का असर संपूर्ण मध्यप्रदेश सहित हरदा में भी दिखा देगा। इससे जिला मुख्यालय पर संचालित कुलहरदा, खेड़ीपुरा और छीपानेर रोड पर नाके समीप संचालित कथित अहाते बार में ताले डल जाएंगे। अब शौकीनों को दारू की कंपोजिट दुकानों से मदिरा क्रय कर अपने घरों पर ही जाना होगा। यहां बीयर बार या शराब बार न होने से लोगों को घरों पर ही शराब सेवन करना होगा। मोहल्ले-पड़ौस की आपत्ति के चलते वे अपने मित्रों के साथ घरों पर शराब पार्टी भी नहीं कर सकेंगे। ऐसी स्थिति में यदि वे सड़क किनारे शराब पीते मिले तो उन्हें पुलिस के डंडे खाने को तैयार रहना होगा। इसके अलावा उन पर कानूनी कार्रवाई भी अलग से की जाएगी।
करनी पड़ेगी जेब ढीली
शराब के अहातों पर कम शुल्क चुकाकर लोग नशा कर लेते थे। लेकिन अब अहाते बंद होने के बाद शौकीनों को बार में अधिक राशि चुकानी पड़ेगी। सरकार का यह बड़ा कदम भी लोगों को शराब से दूर करने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। आम तौर पर शराब गरीबों की रसोई का बजट भी बिगाड़ देती है। गरीब लोग दिन भर की मेहनत की कमाई को शराब की दुकान पर उड़ा देते हैं। बहरहाल शराब के अहाते बंद करना प्रदेश में शराबबंदी की दिशा में बड़ा कदम भी बताया जा रहा है।
इनका कहना है..
हरदा जिले में कोई शराब अहाता नहीं था। पूर्व में यहां देशी शराब की संचालित 12 दुकानों पर उपभोग अनुमति थी। जो इस वर्ष में नहीं रहेगी।
– रितेश लाल
जिला आबकारी अधिकारी हरदा।

