Skip to content
Thursday, 22 October 2026
भोपाल मध्य प्रदेश

कूनो में नामीबिया सियाया ने चार शावकों को दिया जन्म  

3 min read
Text Size:

 

गणेश पांडे, भोपाल। श्योपुर जिले के पालपुर कूनो राष्ट्रीय उद्यान से एक अच्छी खबर आई है कि नामीबियाई चीतों की पहचान बदलने लगी है और अब हमारे भारतीय चीतों का जन्म शुरू हो गया है। बुधवार को कूनों में चार चीतों के शावकों का जन्म हुआ। शावकों का जन्म करीब पांच दिन पहले होने की संभावना जताई गई है। नामीबिया से लाई गई सियाया नाम की मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया तो सबसे पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे ट्वीट कर जानकारी दी और खुशी जताई। हालांकि केवल 5 प्रतिशत चीता शावक वयस्कता तक जीवित रहते हैं। सियाया को एक बाड़े के अंदर रहने का एक फायदा है, जहां शिकारियों का न्यूनतम जोखिम होता है।

क्वारेंटाईन बाड़े से तीन महीने पहले छोड़ा था सियाया को

नामीबियाई मादा चीता सियाया को 28 नवंबर को क्वारेंटाइन बाड़े से छोड़ा गया था। यह बाड़ा नंबर पांच में थी। इसके पहले बाड़ा नंबर ४ में ५ नवंबर को नर चीतों एल्टन व फ्रेडी को छोड़ा गया था। इन लोगों की गतिविधियों के सकारात्कम रुख को देखकर 22 दिसंबर 2022 को चार और पांच नंबर बाड़े के बीच का गेट को खोल दिया गया था। पिछले एक सप्ताह से सियाया की गतिविधियां एक जगह केंद्रित देखी गईं तो यह अहसास हुआ वह शावकों को जन्म देने वाली है। जब वह शिकार के लिए निकली तो 29 मार्च को नामीबियाई चीता विशेषज्ञ एलई वॉकर ने सुरक्षित दूरी से देखा तो चार शावक दिखाई दिए। उनका कहना है कि इन शावकों का जन्म करीब पांच दिन पहले हुआ है। 27 मार्च को नामीबिया मादा चीता साशा की मौत की खबर के बाद चार शावकों के जन्म की अच्छी खबर है। कूनो राष्ट्रीय उद्यान में इन चार मेहमानों के साथ चीते की संख्या 23 हो गई।

शावकों की देखभाल बड़ी चुनौती

जब फीमेल वन्यप्राणी अपने शावकों को बाघ, लकड़बग्घों और तेंदुओं से बचाने के लिए 6 से 8 सप्ताह तक अपनी मांद में छिपा कर रखती हैं। अधिकारियों के मुताबिक पहले 60 दिनों तक उनके जीवित रहने का मुख्य कारक शिकारियों से छिपे रहने की उनकी क्षमता है। यहां भी यह सुनिश्चित करना होगा कि बाड़े के अंदर कोई शिकारी न हो जहां सियाया अपने नवजात शिशु की देखभाल कर रही है। वैसे यहां यह उसके बाड़े के अंदर लगभग नर्सिंग होम की स्थिति की तरह है, लेकिन देखते हैं कि उनमें से कितने समय तक और कितने जीवित रहते हैं? इसका जवाब भविष्य के गर्भ में है। वैसे भी आप वन्यजीव जानवरों के बारे में भविष्यवाणी नहीं कर सकते। आठवें चीते साशा की दो दिन पहले मौत हो गई थी।

—————————-

114 Views
What do you think?

Leave a Reply