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Friday, 23 October 2026
हरदा

उपार्जन केन्द्र पर किसानों को मिले पर्याप्त सुविधाएं : कलेक्टर

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अनोखा तीर, हरदा। शासन द्वारा निर्धारित तिथि 25 मार्च से जिले में गेहूं, चना, सरसों उपार्जन का कार्य प्रारंभ हो चुका हैं। उपार्जन के दौरान कृषक बंधुओं को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से कलेक्टर ऋषि गर्ग ने सभी उपार्जन केन्द्रों से सम्बद्ध संस्थाओं को निर्देशित किया है कि, उपार्जन केन्द्रों तक सुगम पहुंच मार्ग हो, किसानों के वाहन खड़े करने हेतु पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था हो, किसानों को पेयजल, विद्युत एवं अन्य आवश्यक सुविधायें उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने निर्देशित किया है कि उपार्जन केन्द्र पर टेंट लगाकर छांव की व्यवस्था की जाए। उपार्जन केन्द्रों पर लाईन नहीं लगाएं, कृषकों के बैठने हेतु पर्याप्त व्यवस्था हो, साथ ही उपार्जन केन्द्रों पर आवश्यकता पड़ने पर उपज की साफ सफाई हेतु छन्ना की व्यवस्था हो एवं पर्याप्त खुला स्थान हो। उपसंचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग एमपीएस चन्द्रावत ने बताया कि इस वर्ष गेहूं, चना खरीदी हेतु पंजीयन उपरांत किसान भाई अपनी पसंद अनुसार उपार्जन केन्द्र का चयन एवं उपार्जन की तिथि तय कर अपनी सुविधा अनुसार उपज के विक्रय हेतु ई- उपार्जन पोर्टल पर स्लाट बुक कर सकेंगे। किसान भाई पंजीयन केन्द्रों, लोक सेवा केन्द्र, एमपी ऑनलाईन आदि सेवाओं का उपयोग कर स्लाट बुकिंग करा सकेगें एवं स्वयं के मोबाईल से भी स्लाट बुक कर सकेंगें। स्लाट बुकिंग सोमवार से शुक्रवार तक की जा सकेंगी एवं यह व्यवस्था उपार्जन की अंतिम तिथि 31 मई 2023 से 10 दिन पूर्व तक जारी रहेगी। उपसंचालक श्री चन्द्रावत ने बताया कि इस वर्ष चना, मसूर एवं गेहूं के उपार्जन हेतु यथा संभव उपार्जन केन्द्र गोदाम स्तरीय बनाए गए हैं। वन्य क्षेत्र के कृषकों को उपार्जन में अनावश्यक कठिनाई न हो, इस तथ्य को दृष्टिगत रखते हुए वन क्षेत्र में गेहूं उपार्जन के लिए 2 केन्द्र खेतों में बनाए गए हैं। गेहूं उपार्जन के लिए जिले में अधिकतम 66 केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि चना, मसूर, सरसों के उपार्जन के लिए अधिकतम 50 केन्द्र प्रस्तावित किए गए हैं। उन्होने बताया कि जिले में 32228 किसानों ने 79250 हेक्टर रकबा चने का, 2 किसानों ने 0.8 हेक्टर रकवा मसूर का एवं 805 किसानों ने 1773 हेक्टर रकबा सरसों का उपार्जन के लिए पंजीकृत किया है। इसी प्रकार गेहूं उपार्जन के लिए 29166 किसानों ने 70383 हेक्टर रकबा का पंजीयन किया गया हैं।

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