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Friday, 23 October 2026
हरदा

प्रेमशंकर रघुवंशी फाउंडेशन….

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अनोखा तीर, हरदा। प्रेमशंकर रघुवंशी देश के विलक्षण कवि थे। उनकी कविता में गांव गढ़वाट, खेत खलिहान, बरसूदिया, पारक्या, नारक्या दाजी, बेड़नी जैसे पात्रों की भूमिका थी। उपेक्षित वर्ग को कविता में सर्वाधिक स्थान देने का काम प्रेमशंकर रघुवंशी ने किया। आधुनिक कविता में प्रकृति, नदी, पहाड़ से उनका गहरा परिचय था। ऐसा अन्य जगह देखना थोड़ा कठिन है। वह इसलिये, क्योंकि श्री रघुवंशी ने विभिन्न विधाओं के नवोदित प्रतिभाओं को मार्गदर्शन देने का काम भी किया। उक्त विचार लोक संस्कृति और जनजाति विषयों के विशेषज्ञ तथा जनजाति लोक कला एवं बोली विकास अकादमी के निदेशक डॉ धर्मेंद्र पारे ने प्रेम शंकर रघुवंशी फाउंडेशन द्वारा आयोजित कहानी एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंनें अपने महाविद्यालय अध्ययन के दिनों को स्मरण करते हुए प्रोफेसर रघुवंशी को एक श्रेष्ठ मार्गदर्शक और सच्चा मित्र बताया। कार्यक्रम के विशेष अतिथि गिरीश सिंघल और अर्चना नायडू ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर विभिन्न विधाओं के 25 से अधिक प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ज्ञानेश चौबे ने किया, वहीं अंत में डॉ विनीता रघुवंशी ने सभी का आभार माना। इस मौके पर प्रतिभागियों समेत बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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