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Thursday, 22 October 2026
बैतूल

भए प्रगट कृपाला दीन दयाला के जयघोष के साथ भगवान कृष्ण काजन्म धूमधाम से मनाया

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 *आठनेर मुकेश सोनी* 

नगर के श्री राम मंदिर धर्मशाला में आयोजित भागवत कथा के पांचवे दिन आज भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव का कार्यक्रम बड़ी ही धूमधाम से मनाया गया इस अवसर पर माखन मटकी तोड़ने का भी कार्यक्रम किया गया भारी संख्या में इस भागवत कथा महापुराण में नगरवासी माता बहने सभी उपस्थित होकर सभी ने भए प्रगट कृपाला दीन दयाला के जयघोष के साथ भगवान कृष्ण का जन्म का वृतांत भागवताचार्य देवी ऋषिता दुबे ने बताया एवं सभी नगर वासियों ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का दर्शन कर सभी ने पुण्य लाभ लिया इस अवसर पर आज की कथा मेंदेवी ऋषिता दुबे ने बताया कि राजा परीक्षित को सुखदेव भगवान ने पांचवें दिन की कथा में राजा बलि भगवान राम आदि के जन्म से लगाकर भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा भी गंगा तट पर सुनाई देवी ऋषिता दुबे ने इस अवसर पर मधुर गीतों के साथ भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव एवं भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन कल की कथा में किया जाएगा ऐसा उन्होंने आज सभी श्रोता बंधुओं को बताया प्रति दिवस नगर के राम मंदिर में भारी तादाद में आमजन एकत्रित होकर इस भागवत कथा को श्रवण कर रहेहै एवं पूरा नगर भक्ति में एवं भक्ति की बयार इस नगर में बह रही है भागवताचार्य देवी ऋर्षिता दुबे ने बताया कि जब राजा बलि को घमंड हो गया था उनका घमंड चूर करने के लिए विष्णु भगवान ने वामन अवतार लिया और वे राजा बलि के राज महल पहुंचे और उन्होंने भिक्षा मांगी उन्होंने कहा कि हेराजन मुझे भिक्षा दो राजा बलि भगवान विष्णु का का बाल रूप देखकर यह समझ नहीं पाए कि तीन पग जमीन भिक्षा में मांगी जा रही है उन्होंने कहा इन्हें तीन पग जमीन दान में दी जाए प्रथम पग में भगवान विष्णु ने सारी सृष्टि पर जमाया एवं दूसरा पैर उन्होंने भू लोक पाताल लोक में जब दो पग हो गए तीसरा पग और राजा बलि से उन्होंने पूछा कि हे राजन तीसरा पग मैं कहां रहूं तब राजा बलि ने अपना सर झुकाते हुए श्री हरि विष्णु के समक्ष का हे प्रभु तीसरा पग आप मेरे सर पर रखिए जैसे ही प्रभु ने तीसरा पर उनके सिर पर रखा राजा बलि पाताल लोक पहुंच गए ऐसी अनेकों अनेक कथाओं का विस्तार पूर्वक इस राम मंदिर धर्मशाला के सभा हाल में भागवत कथा में कई वृतांत देवीऋर्षिता दुबे द्वारा बताया जा रहा है भागवत कथा के आयोजक इमला बाई मेघराज जी लहरपुरे द्वारा सभी से इस भागवत कथा में प्रति दिवस आने हेतु करबद्ध आग्रह किया गया है

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