देवभिलाई में गुड़ी पड़वा पर विशाल ध्वज कृष्ण धनी अवधूत को चढ़ाया जाएगा

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आस्था के केंद्र में मध्यप्रदेश के अलावा महाराष्ट्र से भी आते हैं श्रद्धालु आकर अपनी मन्नते पूरी करते हैं

 *आठनेर मुकेश सोनी* 

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मुलताई:-भारत भूमि देव भूमि है।श्रद्धालुओं में भगवान के प्रति अटूट आस्था और भक्ति का विश्वास सदियों से चला आ रहा है।पंढरपुर(महाराष्ट्र) में भगवान विठ्ठल का सबसे प्राचीन मन्दिर देश विख्यात हैं ,ऐसी मान्यता है कि यही से भगवान विठ्ठल, रूखमणी अपने भक्तों को आशीर्वाद देने सावंगा प्रकट हुए ,सावंगा से ही 55- 60 साल पूर्व मुलताई के पट्टन ब्लाक के देवभिलाई में भगवान विठ्ठल यानी विठोबा की गादी लाई गई थी। देवभिलाई में भगवान विठ्ठल(विठोबा) जिन्हें भक्त कृष्ण धनी अवधूत महाराज के नाम से भी पुकारते हैं ,पूजते हैं ।भगवान कृष्ण धनी अवधूत महाराज अपने भक्तों की सभी मुरादे ,मन्नते पूरी करते हैं।यहां के पुजारी देवीदास साकरे ने बताया कि उनके परिवार के लोग पीढ़ियों से कृष्ण धनी अवधूत महाराज के स्वरूप विशालकाय झंडों पर गुड़ी पड़वा और विजयादशमी को विशाल ध्वज को चढ़ाते हैं इस अवसर पर प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु देवभिलाई पहुँचकर कृष्ण धनी अवधूत महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

मन्दिर के पुजारी संतोष पाटील गोलू भगत ने बताया कि कृष्ण धनी अवधूत महाराज के दर्शन करने से भक्त और श्रद्धालु को आशीर्वाद मिलता है ।

*गुड़ी पड़वा महोत्सव का आयोजन*:- भगत योगराज पाटील,ओमराज साकरे ने बताया कि नूतन वर्ष पर कृष्ण धनी अवधूत मन्दिर परिसर में गुड़ी पड़वा महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें विठोबा की गादी का पूजन – अर्चन कर विशालकाय स्वरूपी झंडे को सूती गेरुआ रंग का पहनावा चढ़ाया जाता है जो एक वर्ष में गुड़ी पड़वा और विजया दशमी पर चढ़ता है ।इस महोत्सव में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र से श्रद्धालु पहुँचकर लाभ अर्जित करते हैं।

*राजनेता मत्था टेकने हर वर्ष पहुचते है*:- क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के साथ कई राजनेता ,सामाजिक कार्यकर्ता और अधिकारी कर्मचारी यहां सिर पर टोपी, रुमाल, गमछा ओढ़कर मन्दिर में प्रवेश कर मत्था टेकते है और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

*कपूर का विशेष महत्व है*:- कृष्ण धनी अवधूत मन्दिर में भगवान विठोबा का पूजन कपूर जलाकर किया जाता है ।ऐसी मान्यता है कि कपूर में बहुत बड़ी शक्ति होती हैं जो दीन दुखी के कष्ट का निवारण कर देता है। कपूरी पान जिसमें सुपारी, शक्कर मिलाकर ईडा प्रसादी के रूप में दिया जाता है।

*गांव के लोग मन्दिर को सजाने में लगे*:- वैसे तो गुड़ी पड़वा और विजयादशमी के अवसर पर देवभिलाई के प्रत्येक घर मे साफ सफाई ,पुताई का कार्य कर इस त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारी पूर्व से ही की जाती हैं साथ ही सभी लोग मन्दिर की सजावट करने कई दिन पुर्व से जुट जाते हैं ।

*हर घर में मेहमान आते हैं* :- इस महोत्सव में दूरदराज से लोग पहुँचकर विठोबा के दर्शन लाभ करते हैं यही कारण है कि हर घर में इस दिन आपको मेहमान देखने को मिलेंगे ।

गुड़ी पड़वा महोत्सव की व्यवस्था में ग्रामीण अभी से जुटकर कार्य कर रहे हैं ।

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