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Thursday, 22 October 2026
खंडवा

किसान संघ के बैनर तले किसानों ने कलेक्ट्रेट के पास किया धरना प्रदर्शन

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खंडवा। बेमौसम बारिश की वजह से प्रकृति की मार झेल रहे किसान सरकार की नीतियों से परेशान होकर सड़क पर उतर आए। गेहूं के दाम करीब 1000 प्रति क्विंटल कम होने से परेशान किसानों ने सरकार से बोनस की मांग की है। साथ ही उपज का लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य दिए जाने की मांग भी उठाई गई है। जिला मुख्यालय पर अलग-अलग तहसील की कार्यकारिणी के पदाधिकारी एकत्रित हुए। इनका कहना है कि अब भी मांग नहीं मानी तो फिर बड़ी संख्या में किसान आंदोलन पर मजबूर होंगे।

कलेक्टर कार्यालय के पास भारतीय किसान संघ के पदाधिकारी सरकार की किसान नीति के खिलाफ और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे। धरना स्थल पर मान्धाता विधानसभा के किसान बिहारीलाल मालवीया राहत राशि और फसलों का उचित मूल्य नहीं मिलने को लेकर सरकार पर जमकर बरसा। कहा गूंगी-बहरी सरकार किसानों की मांगे नहीं सुन रही है। उसने यहां तक कहा कि किसानों को 2023 में सरकार बदलने का संकल्प लेना होगा। किसान ने कहा कि आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। 2 हजार रुपए सम्मान निधि में किसानों और 1 हजार रुपए में उनकी पत्नियों को लाडली बहना योजना का लॉलीपॉप दे दिया। कुल 3 हजार में क्या होगा? साढ़े चार सौ की गैस को टंकी साढ़े ग्यारह सौ रुपये की हो गई। सब्सिडी भी नहीं देते है। इन्होंने कहा किसान को वास्तविक हक दिया जाए। मांधाता विधायक को समस्या सुनाने जाते हैं तो वो भी कन्नी काटते हैं। अपनी क्षेत्रीय भाषा निमाड़ी में किसान ने कहा सरकार ने अभी तक खंडवा जिले के किसानों को 2019 की राहत राशि अभी तक नहीं दी है।

बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान की वजह से फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे किए जाने और तत्काल मुआवजा दिए जाने की मांग भी किसान संघ पदाधिकारियों ने की है। किसान संघ के सुभाष पटेल ने कहा कि बारिश, तूफान और ओलावृष्टि की वजह से फसलों को नुकसान हुआ है। साथ ही खंडवा जिले के असिंचित 84 गांव को खंडवा उदवहन सिंचाई योजना के माध्यम से सिंचित किए जाने की मांग उठाई गई है।

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