हरदा। प्रदेश के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा की जा रही अनिश्चितकालीन हड़ताल जिले में दसवें दिन भी जारी रही। इस मौके पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने संविदा भोज आयोजित कर पत्रकारों के साथ अपने दर्द साझा किए। इस हड़ताल के चलते हरदा जिले में विशेषकर यहां के ग्रामीण अंचलों की स्वास्थ्य सेवा धराशायी हो गई है। स्वास्थ्य अमले की कमी के चलते स्वास्थ्य विभाग यहां की व्यवस्थाओं को संभाल नहीं पा रहा। इस कारण
जिले के ग्राम महेंद्रगांव, जटपुरा माल और बेड़ियाकला जैसे उप-स्वास्थ्य केंद्रों पर ताले लगाने की नौबत आ चुकी है। ऐसी घड़ी में जब कोरोना के नए वैरिएंट की आमद देश में चुकी है, तब संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की इस हड़ताल ने सरकार को चिंता में डाल दिया है।
*ज्ञापन सौंपे बताई समस्या*
संविदा स्वास्थ्य संघ द्वारा हर स्तर पर ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं और मांगों से अवगत कराया जा रहा है। संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. आशीष शर्मा ने बताया कि गत दिवस हमारे संगठन ने जिला भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमरसिंह मीणा को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपकर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तक पहुंचाने का आग्रह किया है। इस पर उन्होंने उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके पूर्व हमने बैतूल-हरदा-हरसूद लोकसभा क्षेत्र के सांसद दुर्गा दास उइके के सांसद प्रतिनिधि राजेश वर्मा से भी अपनी बात सांसद तक पहुंचाने का निवेदन किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि शीघ्र ही प्रदेश सरकार हमारी बातें सुनकर जनहितैषी फैसला लेगी।
*तीसरी लहर में भी काम आएंगे*
ज्ञात रहे कि पिछले दिनों आई कोविड : 19 कोरोना महामारी की पहली और दूसरी लहर में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने जान हथेली पर लेकर अपनी सेवाएं दी हैं। इस कारण स्वास्थ्य विभाग अपनी दवाएं, उपचार और जांच सुदूर के क्षेत्र में पहुंचाकर बड़ी जनआबादी को बचाने में कामयाब हुआ। सामान्य दिनों में भी स्वास्थ्य अमले की कमी के चलते कई बार हालात बन व बिगड़ जाते हैं। ऐसी स्थिति में संविदा स्वास्थ्य कर्मी बड़े काम आते हैं। संविदा कर्म का दर्द इतना भर है कि शासन को नियमित सेवाएं देने के बावज़ूद उनके हितों की सुध लेने कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि सामने नहीं आया। इससे मजबूर होकर उन्हें बेमुद्दत हड़ताल पर जाने का कठिन निर्णय लेना पड़ा है।

