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Thursday, 22 October 2026
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कोरोना की तीसरी लहर : एलर्ट हुआ प्रशासन

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कार्यालय संवाददाता अनोखा तीर

पहली लहर में सामान्य और दूसरी लहर में कहर बरपाने वाले कोविड : 19 का वायरस नई करवट लेने जा रहा है। देश में चार मरीज पाजिटिव पाए जाने के बाद सभी राज्य सरकारें एक्टिव मोड में आ गई हैं। गत दिवस प्रदेश के स्वास्थ्य सेवा संचालनालय ने सभी जिलों के कलेक्टर को इस बारे में एलर्ट कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार 22 दिस 2022 को संचालनालय से जारी पत्र क्र./आईडीएसपी/एफ-88/ 2022/ में स्वास्थ्य सेवा आयुक्त डाॅ.सुदाम खाड़े ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव द्वारा 20 दिसंबर 2022 को लिखे पत्र क्र. डीओ/ जेड.28015/182/2021- डीएम सेल का हवाला देकर कहा कि सार्स-सीओव्ही-2 के नए वैरिएंट की त्वरित पहचान हेतु समय पर परीक्षण और निगरानी आवश्यक है।

सैंपल लिए जाएंगे
उन्होंने कहा कि हाल ही में चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए), कोरिया गणराज्य में हुई इसके प्रकरणों की वृद्धि देखते हुए यहां प्रत्येक पाजिटिव प्रकरणों में नए वैरिएंट की पहचान करने से लोक स्वास्थ्य उपाय की सुविधा देने में उपयोगी होगा। इसलिए व्होल जीनोम सिक्वेंसिंग (डब्ल्यू.जी.एस.) हेतु सैंपल लेकर संबंधित संस्थानों को भेजे जाएं। उन्होंने रीवा, भोपाल, इंदौर, एवं उज्जैन संभाग के ऐसे सैंपल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान (एम्स) भोपाल तथा ग्वालियर, सागर एवं जबलपुर संभाग के सैंपल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीई) ग्वालियर भेजने के निर्देश दिए हैं।

–नए वायरस कोविड-ओमिक्रॉन एक्सबीबी के लक्षण-

1. खांसी नहीं होती है।
2. बुखार नहीं है।
3. जोड़ों का दर्द।
4. सिरदर्द।
5. गर्दन में दर्द।
6. ऊपरी कमर दर्द।
7. निमोनिया।
8. आमतौर पर भूख नहीं लगती।

नया वैरिएंट कितना खतरनाक

कोविड-ओमिक्रॉन एक्सबीब डेल्टा संस्करण की तुलना में 5 गुना अधिक विषैला है और इसकी मृत्यु दर अधिक है। स्थिति को चरम गंभीरता तक पहुंचने में कम समय लगता है और कभी-कभी कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते हैं। इस वायरस का यह तनाव अपेक्षाकृत कम समय के लिए सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है।
कोविड-ओमिक्रॉन एक्सबीबी के कई रोगियों को ज्वरनाशक और दर्द रहित के रूप में वर्गीकृत किया गया था, लेकिन एक्स-रे में हल्का छाती निमोनिया दिखा। इसके नेज़ल स्वैब परीक्षण अक्सर नकारात्मक होते हैं।
इसका मतलब है कि वायरस समुदाय में फैल सकता है और सीधे फेफड़ों को संक्रमित कर सकता है, जिससे वायरल निमोनिया हो सकता है, जो बदले में तीव्र श्वसन संकट का कारण बनता है। यह बताता है कि क्यों कोविड-ओमिक्रॉन एक्सबीबी बहुत संक्रामक, अत्यधिक विषैला और घातक बन गया है।

सावधानी बरतना जरूरी

भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचें, मास्क लगाएं, खुले स्थानों में भी 1.5 मीटर की दूरी बनाए रखें, डबल-लेयर मास्क पहनें, उपयुक्त मास्क पहनें, हाथों को बार-बार धोएं, भले ही हर कोई स्पर्शोन्मुख (खांसने या छींकने वाला) न हो। कोविड-ओमिक्रान एक्सबीबी की यह लहर कोविड : 19 की पहली लहर से भी घातक बताई जाती है।

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