भोपाल। प्रदेश का 19000 वन कर्मचारी निहत्था वनों वन संपदा वन्य प्राणियों की सुरक्षा कर रहा है लेकिन वन माफिया के हौसले इतने ज्यादा बुलंद हो गए हैं कि वह वन कर्मियों पर निरंतर प्राणघातक हमला कर रहे हैं. सतना में रविवार को वनरक्षक योगेंद्र साहू को खनिज माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलने का प्रयास किया. वहीं शिवपुरी में पांच वन कर्मचारियों के ऊपर वन माफिया ने हमला किया है.
विदिशा वनमंडल के लटेरी में 10 अगस्त 2022 के बाद जिस तरह राज सरकार ने वनवासियों को आर्थिक मदद निशुल्क उपचार एवं अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय लिया है, तब से वन माफियाओं के हौसले बहुत ज्यादा बुलंद हो गए हैं. वन माफिया निरंकुश हो गया है. वह खुलेआम वनों और वन्य प्राणियों का शिकार कर रहा है. यही नहीं, वन संपदा रखवाली करने वाले वन्य कर्मचारी के ऊपर प्राणघातक हमला कर रहा है. अब तक गुना, शिवपुरी, विदिशा, सतना और नरसिंहपुर आदि में वन माफिया के हमले से एक दर्जन बंद कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. लेकिन सरकार वन कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है.

सतना और शिवपुरी में हुए हमले को लेकर वन कर्मचारी मंच के प्रांत अध्यक्ष अशोक पांडे ने कहना है कि वन माफिया के विरुद्ध कार्यवाही सख्त नहीं कर रहा है. पांडे ने लटेरी कांड के बाद प्रदेश का कार्यपालिक वन कर्मचारी अपने सुरक्षा, सम्मान और शस्त्र लाइसेंस शस्त्र चलाने के अधिकार देने के साथ-साथ शहीद का दर्जा देने की मांग की है.

