पुलिस ने किया फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM
नसरुल्लागंज। पुलिस ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर पांच आरोपियों को अपनी गिरफ्त में लिया हैं। इस गिरोह का सरगना बिहार का 19 वर्षीय युवक है जिसनें अपने महंगे शौक पूरा करने व कम समय में अमीर बनने के लालच में फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का गोरखधंधा शुरू किया। पुलिस ने आरोपियों से LED-1, मोबाईल – 05, लेपटॉप -05, प्रिन्टर -03 व 48 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र भी जप्त किए गए हैं। पुलिस के द्वारा आज सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस संबंध में थाना प्रभारी कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि बीते 29 जुलाई 2022 को ग्राम इटावा खुर्द निवासी भुज राम पर्दे की रिपोर्ट पर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला सामने आया था। पुलिस ने धारा 420, 467,468 के तहत मामला दर्ज कर पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया था। जिसमें टीकामोड़ निवासी दीपक मीना, बालाघाट निवासी शशांक गिरी को गिरफ्तार किया। इस दौरान आरोपी शंशाक गिरी ने बताया थी कि उसे फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने की लिन्क वाट्सएप्प के माध्यम से उत्तर प्रदेश के रहने वाले फरदीन पिता इमरान व फरदीन पिता शहीद से मिली थी। पुलिस ने फरदीन पिता इमरान व फरदीन पिता शहीद निवासी मेरठ को उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया। दोनो आरोपियो ने बताया की उन्हे यह लिंक नवीन कुमार निवासी बिहार से संपर्क करने पर मिली। जिसमें लिंक को ओपन कर 100 रुपये में रिचार्ज कर जन्मप्रमाण पत्र बनाना बताया । उसके बाद से दोनों आरोपी फरदीन पिता इमरान व फरदीन पिता शहीद निवासी उत्तरप्रदेश ने 100-200 रुपयों में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाना शुरु कर दिया। इसमें से कमाई का कुछ हिस्सा नवीन कुमार के खाते में भी ऑनलाइन माध्यम से पहुंचाया जाने लगा। पुलिस ने मशक्कत के बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले गिरोह के मुख्य सरगना नवीन कुमार सिहं पिता संजीव कुमार सिहं उम्र 19 साल निवासी भिट्टी बाजार जिला सारण को बिहार से तकनीकी सहायता से गिरफ्तार किया।
जल्द अमीर बनने के चक्कर में अपनाया रास्ता
   फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में मुख्य आरोपी नवीन कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके पिताजी ऑनलाइन दुकान पर काम करते थे इसलिए उसकी शुरू से ही रुचि रही है। इसी दौरान घर के हालात सही नहीं होने पर तथा कम समय में ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में उसने यूट्यूब के जरिए सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का अभ्यास किया। करीब 6 माह पहले उसे जानकारी लगी कि ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनाया जाता है।। इसके बाद मैने अपना स्वंय का वेबसाईट सीआर एस ओ गर्वमेंट ओआरजी नाम से तैयार किया। उसके बाद सुबह शासकीय अस्प.की वेबसाईट सीआर एस ओ आर जी आई गर्वमेंट डाट इन से किसी भी राज्य जिला के शासकीय अस्पताल जारी जन्म प्रमाण पत्र नेट द्वारा प्राप्त कर लेता था। जिस प्रमाण पत्र पर अस्पताल की सील व हस्ताक्षरता रहते थे। उसी के आधार पर वह फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कर लेता था। आरोपी ने बताया कि उसके द्वारा लगभग 53000 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं।
इन आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस के द्वारा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने के मामले में गिरोह के सरगना नवीन कुमार सिंह पिता सजीव कुमार उम्र 19 साल निवासी भिट्टी बाजार जिला सारण बिहार प्रदेश, दीपक मीणा पिता धूमसिंह उम्र 26 साल निवासी टीकामोङ थाना नसगंज, शशांक गिरी पिता स्व राजकुमार उम्र 30 साल निवासी सम्राटनगर वारासिवनी जिला बालाघाट, फरदीन पिता इमरान उम्र 17 साल निवासी कुशालनगर , निसाङी गेट जिला मेरठ उ.प्र.,फरदीन पिता शाहिद उम्र 17 साल निवासी पांचलीखुर्द, साठबट्टा रोड, समर गार्डन , निसाङी गेट जिला मेरठ उ.प्र. को गिरफ्तार किया। इस मामले में थाना प्रभारी नसरुल्लागंज निरीक्षक सुश्री कंचन सिंह ठाकुर ,उनि श्याम कुमार सूर्यवंशी, आर. दीपक जाटव , पुष्पेन्द्र, योगेश कटारे, विपिन जाट, म.आर. वैशाली तिवारी व साईबर सेल सीहोर –प्रआर सुशील सालवे का सराहनीय काम रहा है । पुलिस अधीक्षक ने सभी को नगद पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

Views Today: 2

Total Views: 118

Leave a Reply

error: Content is protected !!