विकास पवार
बड़वाह – नवरात्रि व दशहरा पर्व सहित अन्य आगामी पर्वों को लेकर शनिवार शाम स्थानीय थाने परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित हुई। जिसमें उपस्थित गणमान्य नागरिकों से पर्वो पर उचित व्यवस्था करने हेतु सुझाव लिये। और प्रशासनिक अधिकारियों ने इन पर सहमति जताते हुए अमल में लाने का आश्वासन दिया। बैठक की शुरुआत में एसडीएम बीएस क्लेश और एसडीओपी विनोद दीक्षित ने बैठक के उद्देश्य बताया। और गणमान्य नागरिकों से अपने विचार रखने की बात कही। जिस पर नगर पालिका के उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल ने कहा कि नवरात्रि की अष्टमी व नवमी पर जयंती माता मंदिर जाने वाले भक्तों की शहर के मुख्य मार्गो पर भारी भीड़ रहती है। शहर सहित दूर-दूर के ग्रामीण अंचल के यहां श्रद्धालु पहुंचते हैं। जिसके चलते शहर के एमजी रोड पर जाम की स्थिति निर्मित होती है। इसीलिए इस मार्ग को वाहनों के लिए एकल मार्ग कर दिया जाए। तो जाम की समस्या से निजात मिल सकती है। अंतिम केवट ने कहा कि एकल मार्ग तो ठीक ही ठीक मेन चौराहे पर बेरीगेट लगाकर चार पहिया वाहनों को एमजी रोड पर प्रवेश न दिया जाए। और उन्हें मंदिर जाने के लिए काटकूट फाटे रोड से जाने दिया जाए तो जिससे भी काफी हद तक एमजी रोड की यातायात व्यवस्था में सुधार हो सकता है। इन सुझाव पर एसडीओपी दीक्षित ने कहा कि इस व्यवस्था को सुधारने के लिए योजना बनाकर प्रयास किए जाएंगे। जयंती माता मंदिर के पुजारी पंडित महेंद्र शर्मा ने नवरात्रि के चलते मंदिर सहित मार्ग पर चकाचौंध व्यवस्था करने की बात कही। भूपेंद्र सेन, संजय उपाध्याय ने जयंती माता मंदिर स्थित चोरल नदी पर तैराक तैनात करने के लिए कहा। वही रितेश कौशल ने पशुओं में हो रही लिंपी बीमारी को देखतेे हुए प्रशासन स्तर पर उन्हें सुरक्षा केे टीके लगाने की बात कही। इन सुझावों पर भी तत्काल एसडीएम व एसडीओपी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।

नर्मदा स्नान पर एसडीओपी ने कहा रहेगा प्रतिबंध—–
बैठक में एसडीओपी दीक्षित ने गणमान्य नागरिकों को कहा कि अमावस्या पर नाव घाट खेड़ी स्थित नर्मदा तट पर स्नान नहीं करने दिया जाएगा। लगातार ऊपरी क्षेत्रो में भारी बारिश के चलते ओंकारेश्वर बांध के करीब 10 गेट खोले गए हैं। और अत्यधिक जल स्तर बढ़ने की संभावना है। जिसके कारण नावघाट घाट खेड़ी स्थित नर्मदा नदी पर श्रद्धालुओं के स्नान पर रोक रहेगी।

