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Thursday, 22 October 2026
भोपाल

लटेरी कांड : रेंजर को है लकड़ी चोर गिरोह से जान का खतरा

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भोपाल. विदिशा वन मंडल के दक्षिण लटेरी में वन विभाग और लकड़ी चोर गिरोह से हुई मुठभेड़ में आरोपी चैन सिंह की मौत के बाद नए-नए तथ्य प्रकाश में आ रहे हैं. इसी कड़ी में दक्षिण लटेरी के रेंजर का 10 अगस्त को थाना प्रभारी लटेरी को दिया गया आवेदन प्रकाश में आया. अपने आवेदन में रेंजर ने लकड़ी चोर गिरोह से जान का खतरा बताया है. दिलचस्प पहलू यह है कि रेंजर के आवेदन को थाना प्रभारी लटेरी ने गंभीरता से नहीं लिया है. इसके कारण रेंजर छुपा-छुपा घूम रहा है.

 दक्षिण लटेरी के रेंजर 10 अगस्त को थाना प्रभारी लटेरी को दिए गए अपने आवेदन में 9 अगस्त की घटना का सिलसिलेवार उल्लेख किया है. रेंजर के अनुसार रात के 8:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि तिलोली के जंगल से गुना जिले के 25-30 लोक सागौन की लकड़ी काटकर मोटरसाइकिल से निकाल रहे हैं. सूचना के आधार पर बन चौकी बैरागढ़ और अन्य स्टाफ को साथ लेकर रवाना हुए. ग्राम खरायपुरा बीट किलोनी कक्ष क्रमांक-387 में लकड़ी लेकर जा रहे हैं मोटरसाइकिल से सामना हुआ. जब उन्हें रोका गया तो पथराव शुरु कर लिया और चारों तरफ से मुझे और मेरी टीम को घेर लिया. अपनी जान बचाने के लिए फायरिंग की गई, जिसमें एक आरोपी की मौत हो गई. इस घटना के बाद से ही मुझे जान से मारने की धमकियां मिल रही है.

 *पुलिस ने किया गृह विभाग के आदेश का उल्लंघन*

 गृह मंत्रालय ने 24 जून 2011 को डीजीप, सभी आईजी, डीएम और पुलिस अधीक्षकों के लिए एक आदेश जारी किया है. यह आदेश आज भी प्रभावशील है. लटेरी की घटना में जिला एवं पुलिस प्रशासन ने गृह विभाग के आदेशों की अनदेखी कर वन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ बिना मजिस्ट्रियल जांच के अपराध दर्ज कर लिया है. गृह विभाग ने अपने आदेश में साफ लिखा है कि वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने शासकीय कर्तव्य के निर्वहन में अतिक्रमण, अवैध कटाई और अवैध उत्खनन जैसे प्रकरणों में आत्म रक्षार्थ शासकीय बंदूक से गोली चालन जैसी कार्रवाई करने पर वन कर्मियों के विरुद्ध दर्ज एफआइआर को तब तक संज्ञान में लिया जाए जब तक कि दंडाधिकारी जांच में यह सिद्ध नहीं हो जाता कि शास्त्र प्रयोग अथवा गोली चालन अनावश्यक और आवश्यकता से अधिक किया है. इस आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि अक्सर यह पाया गया है कि वन कर्मियों के विरुद्ध बिना दंडाधिकारी जांच रिपोर्ट संज्ञान में आय एफ आई आर दर्ज की जा रही है.

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