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Saturday, 17 October 2026
मध्य प्रदेश

Gwalior Nagar Nigam Controversy Chairman, Congress Hid When Bjp Sent Councilors To Delhi – Gwalior Nagar Nigam: सभापति की कुर्सी पर घमासान, भाजपा ने पार्षदों को दिल्ली भेजा तो कांग्रेस ने छुपाया

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नगरीय निकाय चुनाव में ग्वालियर महापौर सीट हारने के बाद अब भाजपा सभापति बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। ग्वालियर सभापति के लिए 5 अगस्त को वोटिंग होनी है। इससे ही पहले भाजपा ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। इसी को लेकर ग्वालियर में नवनिर्वाचित भाजापा 34 पार्षदों को दिल्ली बुलाया है। सभी पार्षद मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा का वरिष्ठ नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर आदि पार्षदों के साथ बैठक लेंगे। बताया जा रहा है सभी सभापति की वोटिंग के दिन ही वापस लौटेंगे।

भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी के नेतृत्व में सभी नवनिर्वाचित भाजपा के 34 पार्षदों को बस के द्वारा दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है। गौरतलब है कि ग्वालियर नगर निगम के सभापति के लिए 5 अगस्त को वोटिंग होनी है। इसी को लेकर भाजपा और कांग्रेस अपना-अपना सभापति बनाने का दावा ठोक रही है। वहीं, कांग्रेस ने अपने पार्षदो को अंडर ग्राउंड कर दिया है। भाजपा को डर है कि उनके पार्षद सभापति को लेकर क्रॉस वोटिंग न कर दे। यही वजह है कि सभी को दिल्ली बुलाया है।

बता दें कि, सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में कोंग्रेस महापौर का चुनाव जीतने के बाद अब परिषद पर भी अपना कब्जा करने की तैयारी में हैं। यही कारण है कि सभापति के चुनाव में भी पूरे दम से दावेदारी कर रही है। सभापति के लिए पार्टी पुराने पार्षद विनोद यादव, अवधेश और कौरव पर दांव लगा सकती है। इसके साथ ही समर्थन देने वाले निर्दलीय या भाजपा के किसी पार्षद पर भी दांव खेल सकते हैं। यही वजह है कि बाड़ाबंदी से बचाने या भाजपा की जोड़तोड़ से सुरक्षित करने कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों को शपथ के बाद अंडरग्राउंड कर दिया है। निर्दलीय जीत करने वाले पार्षद भी शपथ लेने के बाद तीर्थ यात्रा पर निकल गए हैं। लेकिन अब यह 5 अगस्त को साफ हो पायेगा की सभापति के लिए किसकी रणनीति कामयाब हुई।

भाजपा के जिला अध्यक्ष कमल मखीजानी का कहना है कि वरिष्ठ नेतृत्व जैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर व्यस्तता के चलते ग्वालियर नहीं आ पा रहे है और सभी नवनिर्वाचित पार्षदों की इच्छा है कि वह अपनी वरिष्ठ नेतृत्व से मिले। इसलिए सभी को दिल्ली भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद सभापति वोटिंग के दौरान ग्वालियर पहुंचेंगे।

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नगरीय निकाय चुनाव में ग्वालियर महापौर सीट हारने के बाद अब भाजपा सभापति बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही है। ग्वालियर सभापति के लिए 5 अगस्त को वोटिंग होनी है। इससे ही पहले भाजपा ने अपने नवनिर्वाचित पार्षदों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है। इसी को लेकर ग्वालियर में नवनिर्वाचित भाजापा 34 पार्षदों को दिल्ली बुलाया है। सभी पार्षद मंगलवार सुबह दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा है कि दिल्ली में भाजपा का वरिष्ठ नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा, ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर आदि पार्षदों के साथ बैठक लेंगे। बताया जा रहा है सभी सभापति की वोटिंग के दिन ही वापस लौटेंगे।

भाजपा जिला अध्यक्ष कमल माखीजानी के नेतृत्व में सभी नवनिर्वाचित भाजपा के 34 पार्षदों को बस के द्वारा दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया है। गौरतलब है कि ग्वालियर नगर निगम के सभापति के लिए 5 अगस्त को वोटिंग होनी है। इसी को लेकर भाजपा और कांग्रेस अपना-अपना सभापति बनाने का दावा ठोक रही है। वहीं, कांग्रेस ने अपने पार्षदो को अंडर ग्राउंड कर दिया है। भाजपा को डर है कि उनके पार्षद सभापति को लेकर क्रॉस वोटिंग न कर दे। यही वजह है कि सभी को दिल्ली बुलाया है।

बता दें कि, सिंधिया के गढ़ ग्वालियर में कोंग्रेस महापौर का चुनाव जीतने के बाद अब परिषद पर भी अपना कब्जा करने की तैयारी में हैं। यही कारण है कि सभापति के चुनाव में भी पूरे दम से दावेदारी कर रही है। सभापति के लिए पार्टी पुराने पार्षद विनोद यादव, अवधेश और कौरव पर दांव लगा सकती है। इसके साथ ही समर्थन देने वाले निर्दलीय या भाजपा के किसी पार्षद पर भी दांव खेल सकते हैं। यही वजह है कि बाड़ाबंदी से बचाने या भाजपा की जोड़तोड़ से सुरक्षित करने कांग्रेस ने भी अपने पार्षदों को शपथ के बाद अंडरग्राउंड कर दिया है। निर्दलीय जीत करने वाले पार्षद भी शपथ लेने के बाद तीर्थ यात्रा पर निकल गए हैं। लेकिन अब यह 5 अगस्त को साफ हो पायेगा की सभापति के लिए किसकी रणनीति कामयाब हुई।

भाजपा के जिला अध्यक्ष कमल मखीजानी का कहना है कि वरिष्ठ नेतृत्व जैसे ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर व्यस्तता के चलते ग्वालियर नहीं आ पा रहे है और सभी नवनिर्वाचित पार्षदों की इच्छा है कि वह अपनी वरिष्ठ नेतृत्व से मिले। इसलिए सभी को दिल्ली भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सभी पार्षद सभापति वोटिंग के दौरान ग्वालियर पहुंचेंगे।

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