150 फीट ऊंचाई से गिरता है गोराखाल झरना

रहटगांव तहसील क्षेत्र के वनांचल में बरसात के मौसम में प्राकृतिक सौंदर्य अपने चरम पर है। चारों ओर हरियाली छा गई है और नदी-नालों में पानी आने से बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित प्राकृतिक स्थलों का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। रहटगांव से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित गोराखाल झरना जिले का सबसे बड़ा झरना माना जाता है। यह झरना लगभग 150 फीट की ऊंचाई से गिरता है, जिसे देखने के लिए हरदा सहित आसपास के जिलों से भी पर्यटक पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में झरने का सौंदर्य और अधिक आकर्षक हो जाता है। हाल ही में पूर्व विधायक संजय शाह सहित भाजपा के अन्य पदाधिकारी भी गोराखाल झरने पर पहुंचे और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया। जानकारी के अनुसार, पूर्व विधायक संजय शाह के विशेष प्रयासों से इस स्थल को पहले इको पर्यटन परियोजना में शामिल किया गया था। वन विभाग के प्रयासों से मध्य प्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड, भोपाल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा गोराखाल वॉटरफॉल मनोरंजन क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए लगभग 20 लाख 10 हजार रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके तहत यहां विभिन्न विकास कार्य कराए गए हैं। गोराखाल में अंग्रेजों के समय का एक रेस्ट हाउस भी स्थित है। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, आजादी से पहले अंग्रेज यहां शिकार के लिए आते थे और इसी रेस्ट हाउस में ठहरते थे। आदिवासी उन्हें  गोरी खाल वाले कहकर पुकारते थे। इसी आधार पर बाद में इस क्षेत्र का नाम गोराखाल पड़ गया।

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