-छात्रों ने हुनर और कौशल विकास का दिया संदेश
-उत्कृष्ट प्रतिभाओं की प्राचार्य ने की सराहना
अनोखा तीर, सोडलपुर। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोडलपुर में मंगलवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में कौशल विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। कार्यक्रम के तहत ड्राइंग, निबंध लेखन एवं स्लोगन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। ड्राइंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तकनीकी क्रांति, हस्तशिल्प, आधुनिक नवाचार और आत्मनिर्भर भारत की कल्पना को आकर्षक चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। छात्रों की कलाकृतियों में कौशल विकास के महत्व और हुनर के बल पर देश को आगे बढ़ाने का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। निबंध लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में कौशल विकास की भूमिका विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। प्रतिभागियों ने व्यावसायिक प्रशिक्षण, डिजिटल साक्षरता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कोडिंग, ड्रोन तकनीक तथा आधुनिक तकनीकी कौशल को समय की आवश्यकता बताते हुए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। स्लोगन प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने प्रभावशाली नारे लिखे। इनमें हुनर है तो कद्र है, कौशल से ही विकास की जड़ है, हाथों में हुनर, भविष्य में निखार, कौशल विकास ही है देश का आधार तथा डिग्री के साथ जोड़ो हुनर, तभी चमकेगा भविष्य का सवेरा जैसे प्रेरक स्लोगन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। विद्यालय के प्राचार्य विजय कुमार गौर ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास भी सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों और व्यावसायिक प्रशिक्षण से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर व्यावसायिक प्रशिक्षक संदीप लोखंडे, राकेश वर्मा, कु. ऋतिका रिछारिया सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के उत्साहवर्धन एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा के साथ हुआ।


