अमृत भारत योजना में निखरा अशोकनगर रेलवे स्टेशन, 22 करोड़ से हुआ पुनर्विकास

अनोखा तीर, भोपाल। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मध्य प्रदेश के अशोकनगर रेलवे स्टेशन का 22 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पुनर्विकास किया गया है। आधुनिक यात्री सुविधाओं, बेहतर आवागमन और उन्नत अधोसंरचना के साथ स्टेशन को नया स्वरूप दिया गया है। पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल के अंतर्गत आने वाला अशोकनगर रेलवे स्टेशन एनएसजी-5 श्रेणी का स्टेशन है। यहां तीन प्लेटफॉर्म हैं और प्रतिदिन 50 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। वर्तमान में स्टेशन पर औसतन छह हजार से अधिक यात्री प्रतिदिन आवागमन करते हैं। पुनर्विकास के तहत स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया का सुधार, बेहतर पार्किंग, नया पोर्च, मुख्य स्टेशन भवन एवं प्लेटफॉर्म का उन्नयन तथा नए प्लेटफॉर्म शेल्टर का निर्माण किया गया है। बढ़ती यात्री संख्या और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए स्टेशन को आधुनिक और यात्री-केंद्रित स्वरूप दिया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए नए प्रतीक्षालय, बुकिंग काउंटर, कॉन्कोर्स एरिया तथा मानक दिशा संकेतक विकसित किए गए हैं। नए फुट ओवर ब्रिज, रैंप और लिफ्ट के निर्माण से प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो गया है। दिव्यांग यात्रियों के लिए लो-हाइट टिकट खिड़की, सर्कुलेटिंग एरिया से प्लेटफॉर्म तक टैक्टाइल पाथ सहित अन्य सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। स्टेशन परिसर में स्थानीय कला और संस्कृति को भी स्थान दिया गया है, जिससे यह विरासत और आधुनिक विकास का प्रतीक बनकर उभरा है। रेलवे के अनुसार, पुनर्विकसित अशोकनगर रेलवे स्टेशन क्षेत्रीय विकास, पर्यटन और बेहतर रेल संपर्क को नई गति प्रदान करेगा।

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