बेटे की चाह में पत्नी को जहर पिलाकर जान से मारने का प्रयास

-गंभीर हालत में महिला को मां-भाई ने पहुंचाया अस्पताल
अनोखा तीर, हरदा। जिले के रहटगांव थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने पति पर जबरन जहरीला पदार्थ पिलाने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पति बेटे की चाह में उसे मारकर दूसरी शादी करना चाहता था। शनिवार रात महिला को गंभीर हालत में हरदा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।
हाथ बांधकर पिलाया जहर
महुखाल निवासी मीना यादव ने बताया कि 26 जून की रात उसके पति हरिओम यादव ने उसके साथ मारपीट की। महिला के अनुसार अगले दिन उसके दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए गए और गिलास में घुला जहरीला पदार्थ जबरन पिला दिया गया। इसके बाद आरोपी घर से चला गया। जहरीला पदार्थ पीने के बाद मीना ने अपनी बड़ी बहन अर्चना को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसका भाई और मां उसे हरदा जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में उपचार के दौरान वह बेहोश हो गई थी। रविवार को होश आने पर उसने पूरी घटना की जानकारी परिजनों को दी।
चार बेटियां होने के बाद बढ़ा विवाद
परिजनों के अनुसार मीना की शादी वर्ष 2015 में महुखाल गांव निवासी हरिओम यादव से हुई थी। दंपती की चार बेटियां हैं, जिनमें निहारिका, अनुष्का तथा जुड़वां बेटियां भावना और निर्मिता शामिल हैं। महिला के भाई लल्लू यादव ने बताया कि पति और ससुराल पक्ष बेटे की इच्छा रखते थे। तीसरी डिलीवरी में जुड़वां बेटियों के जन्म के बाद चिकित्सकों ने महिला को आगे गर्भधारण नहीं करने की सलाह दी थी। इसके बाद पति द्वारा प्रताड़ित किया जाने लगा और दूसरी शादी करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। महिला की मां अमरा बाई ने बताया कि पिछले दो महीने से बेटे को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। महिला का आरोप है कि पति चाहता था कि वह घर छोड़ दे या उसकी मौत हो जाए, ताकि वह दूसरी शादी कर सके। महिला के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उसकी चारों बेटियां भी जिला अस्पताल पहुंचीं। वे पूरे दिन महिला वार्ड के बाहर बैठी रहीं। कभी मामा तो कभी नानी उन्हें संभालते रहे। बच्चियों को यह जानकारी नहीं थी कि उनकी मां अस्पताल में क्यों भर्ती है। अस्पताल परिसर में चारों मासूम बच्चियां अपनी मां के स्वस्थ होने का इंतजार करती रहीं। सीएमएचओ डॉ. एचपी सिंह ने बताया कि महिला का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में किया जा रहा है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर है।

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