राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंचीं तीर्थनगरी ओंकारेश्वर, किए दर्शन-पूजन

-जनप्रतिनिधियों ने किया आत्मीय स्वागत
-आज अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में करेंगी संबोधन

अनोखा तीर, खंडवा/ओंकारेश्वर। पवित्र ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में गुरुवार को ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुम दिवसीय प्रवास पर पहुंचीं। राष्ट्रपति के आगमन से संपूर्ण निमाड़ अंचल उत्साह और गौरव से भर उठा। राज्यपाल मंगूभाई पटेल मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति गुरुवार दोपहर लगभग 2 बजे ओंकारेश्वर पहुंचीं। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक तैयारियां की थीं। राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर कोठी हेलीपैड पर उतरा। यहां जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति के आगमन के दौरान पूरा क्षेत्र अभेद्य सुरक्षा घेरे में था। कोठी हेलीपैड से एनएचडीसी गेस्ट हाउस तक के मार्ग पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। राष्ट्रपति का काफिला लगभग 60 वाहनों के साथ निर्धारित मार्ग से एनएचडीसी गेस्ट हाउस पहुंचा। यहां उनके विश्राम की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्रपति ने ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के दर्शन कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की तथा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। उनके आगमन को लेकर पूरे क्षेत्र में विशेष उत्साह का वातावरण रहा। राष्ट्रपति शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय सिकल सेल दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होकर देश को संबोधित करेंगी।
राष्ट्रपति के समक्ष पहुंची निमाड़ की वर्षों पुरानी मांग
राष्ट्रपति के दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू तब सामने आया जब पंधाना विधायक छाया मोरे ने खंडवा और बुरहानपुर जिलों को जबलपुर के बजाय इंदौर हाईकोर्ट खंडपीठ से जोड़ने की मांग राष्ट्रपति के समक्ष रखी। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत दस्तावेज और मांग पत्र सौंपते हुए बताया कि दोनों जिलों के नागरिकों को न्यायिक कार्यों के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक और समय की भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
विधायक ने राष्ट्रपति को बताया कि यह मुद्दा विधानसभा, राजभवन और विभिन्न प्रशासनिक स्तरों पर उठाया जा चुका है और अब इसे राष्ट्रपति कार्यालय तक पहुंचाया गया है। इस कदम से निमाड़ अंचल के लाखों लोगों में नई उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी यह मांग अब निर्णायक स्तर तक पहुंच चुकी है।
फूल नहीं, शिक्षा का उपहार: विधायक कंचन तनवे की पहल बनी आकर्षण का केंद्र
राष्ट्रपति स्वागत समारोह में एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। खंडवा विधायक कंचन तवने ने परंपरागत फूलों के गुलदस्ते की जगह पेन, पेंसिल, कॉपी और रबर से तैयार विशेष शैक्षणिक गुलदस्ता राष्ट्रपति को भेंट किया।
विधायक ने आग्रह किया कि यह सामग्री किसी जरूरतमंद विद्यार्थी को प्रदान की जाए। इस अनूठी सोच से प्रभावित राष्ट्रपति ने गुलदस्ता स्वीकार कर उसके साथ फोटो खिंचवाई और फिर विधायक को वापस देते हुए कहा कि इसे किसी जरूरतमंद बच्चे तक पहुंचाया जाए। समारोह में मौजूद लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे शिक्षा को समर्पित प्रेरणादायक संदेश बताया।
आस्था, जनहित और सामाजिक संदेश का संगम
राष्ट्रपति का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं रहा, बल्कि इसमें धार्मिक आस्था, जनहित से जुड़े मुद्दे और शिक्षा के प्रति सामाजिक प्रतिबद्धता तीनों की झलक दिखाई दी। एक ओर ओंकारेश्वर में पूजा-अर्चना हुई, दूसरी ओर न्यायिक सुविधा की मांग राष्ट्रपति तक पहुंची और शिक्षा को बढ़ावा देने वाली अनूठी पहल ने सभी का मन जीत लिया।
आज अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में करेंगी संबोधन
निमाड़ अंचल के लिए राष्ट्रपति का यह दौरा लंबे समय तक याद रखा जाएगा, क्योंकि इसने क्षेत्र की आस्था, समस्याओं और आकांक्षाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का कार्य किया। प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कई स्थानों पर रूट डायवर्जन लागू किया था। राष्ट्रपति के आगमन के दौरान नगर के विभिन्न मार्गों पर आम लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखी गई। सुरक्षा कारणों से संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की गई।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने प्रस्तावित प्रवास के दौरान भगवान ओंकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन करेंगी। आज अंतरराष्ट्रीय सिकल सेल दिवस कार्यक्रम में करेंगी संबोधन, वे विभिन्न कार्यक्रमों में भी शामिल होंगी।। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर पूरे ओंकारेश्वर क्षेत्र में उत्साह का माहौल था और नागरिकों ने उनका स्वागत किया।

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