अनोखा तीर, हरदा। समर्थन मूल्य पर गेहूं और चने की खरीदी में किसानों को आ रही समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से बताया गया है कि जिले में खरीदी व्यवस्था अव्यवस्थित होने के कारण किसानों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जिला कांग्रेस के अनुसार किसानों को वेयरहाउसों पर 8 से 10 दिन तक रुकना पड़ रहा है, इसके बावजूद उनकी उपज का तौल नहीं हो पा रहा है। कई किसानों के स्लॉट बुक होने के बाद भी अंतिम तिथि निकल चुकी है। आरोप लगाया गया है कि वेयरहाउस भर जाने के बाद समिति के कर्मचारी और संबंधित अधिकारी किसानों को गुमराह कर रहे हैं तथा नए वेयरहाउस की मैपिंग नहीं की जा रही है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि किसानों से 500 से 2000 रुपए प्रति ट्रॉली तक अवैध वसूली की जा रही है। गरीब किसानों की ट्रॉलियां नहीं तोली जा रही हैं, जबकि प्रभावशाली लोगों की ट्रॉलियों का तौल गलत तरीके से किया जा रहा है। एक-एक वेयरहाउस पर 200 से अधिक ट्रॉलियां खड़ी हैं, वहीं कुछ स्थानों पर यह संख्या 400 तक पहुंच गई है, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति बन रही है और आमजन परेशान हो रहा है। जिला कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जिले के अधिकारियों ने ऐसे वेयरहाउसों को भी खरीदी केंद्र बना दिया है, जहां ट्रॉली लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है और पूरी प्रक्रिया में लेन-देन का खेल चल रहा है। पहले भी जिला कांग्रेस द्वारा 5 से 6 वर्षों से पदस्थ अधिकारियों को हटाने या खरीदी से दूर रखने की मांग की गई थी, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कहा कि प्रतिदिन खरीदी की सीमा 4500 क्विंटल निर्धारित किए जाने से समस्या और बढ़ गई है। जिला कांग्रेस ने मांग की है कि खरीदी केंद्रों पर प्लेट कांटे की व्यवस्था की जाए, उपज को वेयरहाउस के बाहर ढेर लगवाया जाए, ताकि किसानों को समय पर घर लौटने में सुविधा हो और उन्हें कई दिनों तक रुकना न पड़े। इसके साथ ही एआरसीएस सहायक आयुक्त भदौरिया और डीएमओ योगेश मालवीय लंबे समय से पदस्थ होने का उल्लेख करते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग भी की गई है। जिला कांग्रेस ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, अन्यथा संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी

