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Friday, 16 October 2026
हरदा

कृषि उपज मंडी खिरकिया में सोरन को लेकर अनियमितताओं के आरोप

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अनोखा तीर, खिरकिया। कृषि उपज मंडी में सोरन को लेकर अनियमितताओं और संभावित भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मंडी में सोरन से होने वाली आय का कोई स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है, जबकि वर्तमान में मंडी में फसलों का सीजन जारी है और प्रतिदिन बड़ी मात्रा में सोरन एकत्रित हो रही है। बताया जा रहा है कि पहले सोरन के प्रबंधन के लिए एक समिति का गठन किया गया था, जिसके गठन के समय करीब 80 हजार रुपए की आय भी दर्ज हुई थी। इसके बाद से समिति की स्थिति स्पष्ट नहीं है और न ही उसके कार्यों का कोई विवरण सामने आया है। हर महीने कितनी सोरन बेची जा रही है और उससे प्राप्त राशि कहां जमा हो रही है, इस संबंध में भी स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है। सूत्रों का आरोप है कि सोरन से प्राप्त राशि का उचित लेखा-जोखा नहीं रखा जा रहा है और उसमें गड़बड़ी की आशंका है। जबकि अन्य मंडियों में सोरन समिति के माध्यम से संग्रहण पर रोक लगा दी गई है, वहीं खिरकिया कृषि उपज मंडी में अभी भी सोरन एकत्रित की जा रही है, लेकिन उसकी राशि न तो मंडी बोर्ड के खाते में जमा कराई जा रही है और न ही इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध है। यह भी बताया गया है कि वर्तमान सीजन में प्रतिदिन एक बोरा मूंग, दो बोरा मक्का और दो बोरा गेहूं के बराबर सोरन एकत्रित हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि इस उपज का उपयोग और उससे होने वाली आय का प्रबंधन कैसे किया जा रहा है। मामले में यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि संबंधित कर्मचारियों द्वारा राशि का आपसी स्तर पर ही निपटान किया जा रहा है, जबकि नियमानुसार इसे मंडी बोर्ड के खाते में जमा किया जाना चाहिए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और मंडी बोर्ड इस मामले को किस प्रकार लेते हैं और क्या जांच कर कार्रवाई की जाती है। स्थानीय स्तर पर भी इस पूरे प्रकरण की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।

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