अनोखा तीर, मसनगांव। गेहूं उपार्जन के लिए बनाए गए खरीदी केंद्रों पर इन दिनों किसान अव्यवस्था का शिकार हो रहे हैं। सुल्तानपुर वेयरहाउस पर खरीदी को लेकर हम्मालों की व्यवस्था नहीं होने से खरीदी लगभग बंद पड़ी हुई है। यहां एकमात्र कांटे पर तुलाई हो रही है। जिन किसानों के पास स्वयं के हम्माल हैं, वे अपनी उपज की तुलाई करा रहे हैं, लेकिन स्टैक लगाने की जगह नहीं होने से दिनभर में मात्र तीन ट्राली गेहूं ही तौला जा रहा है। ऐसे में कई किसान अपनी उपज लेकर वापस लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि स्लॉट बुकिंग के बाद भी उपज की तुलाई नहीं हो रही, जिससे खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था फैली हुई है। किसान प्रमोद पाटिल ने बताया कि सुल्तानपुर वेयरहाउस पर ट्राली खड़े हुए 12 दिन हो चुके हैं, लेकिन समिति के कर्मचारियों से हम्मालों की व्यवस्था नहीं हो पाई। ऐसे में ट्राली वापस लेकर आना पड़ा। कई ऐसे किसान हैं, जिन्हें स्लॉट बुकिंग की तारीख निकलने के बाद भी अपनी उपज वापस ले जानी पड़ी।
एक कांटे से हो रही तुलाई
सुल्तानपुर वेयरहाउस में मसनगांव समिति के खरीदी केंद्र पर एक ही कांटे से तुलाई की जा रही है। केवल पांच हम्माल होने से स्टैक लगाने का कार्य किया जा रहा है। यहां किसान स्वयं के मजदूर लाकर तुलाई कराने को मजबूर हैं।
एक दिन की मिल रही मोहलत
स्लॉट बुकिंग की तारीख निकलने के बाद बिल बनाने में आ रही परेशानी को देखते हुए विभाग द्वारा किसानों को एक दिन की मोहलत दी जा रही है, ताकि उनकी उपज का बिल बन सके। लेकिन जिन किसानों की उपज तुलाई नहीं हो पा रही, उन्हें अपनी उपज वापस घर ले जानी पड़ रही है। इस संबंध में पलासनेर केंद्र प्रभारी सुभाष पवार ने बताया कि विभाग से तारीख आगे बढ़ाने की मांग की जा रही है। जिन किसानों की ट्रालियां तुल चुकी हैं, उनके बिल बनाकर दिए जा रहे हैं, लेकिन अधिक संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉली आने से तुलाई में समय लग रहा है। वेयरहाउस लगभग पूरा भर चुका है, और प्रशासन से अनुमति मिलने पर दूसरे वेयरहाउस में खरीदी की जाएगी।
पलासनेर वेयरहाउस पर शुरू नहीं हुई खरीदी
पलासनेर समिति द्वारा स्टेट हाईवे पर बने शुभम वेयरहाउस पर जिला प्रशासन ने खरीदी शुरू कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन मंगलवार को भी खरीदी शुरू नहीं हो सकी। इसके चलते किसान मां अमृता वेयरहाउस पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर पहुंच रहे हैं। यहां मात्र 2400 क्विंटल गेहूं रखने की क्षमता शेष है, जबकि 100 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रॉली केंद्र पर खड़े होने से पूरी व्यवस्था बिगड़ गई है

