अनोखा तीर, हरदा। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा निरंतर किसानों के खेतों पर नैदानिक भ्रमण किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र प्रमुख डॉ. संध्या मुरे ने बताया कि जिले में वर्तमान में मूंग फसल में पीला मोजक की समस्या दिखाई दे रही है। इस रोग में प्रारंभ में पत्तियों पर हल्के बिखरे हुए पीले धब्बे दिखाई देते हैं। यह धीरे-धीरे आकार में बढ़ते जाते हैं और अंतत: पत्तियां पीली हो जाती है। रोग ग्रस्त पौधे बोने रह जाते हैं और बहुत कम उपज प्राप्त होती है। इस हेतु किसानों को सलाह दी गई है कि इसके नियंत्रण हेतु इमिडाक्लोप्रिड 17.8 एसएल अथवा थायमेथोक्सम 25 प्रतिशत डब्ल्यूजी 40 ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से 100 से 125 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। शुरू में ही संक्रमित पौधों को उखाड़कर नष्ट करें, जिससे सफेद मक्खी जो कि इसका प्रमुख कारण है पर नियंत्रण किया जा सके। साथ ही सफेद मक्खी के लिए पीली चिपचिपी ट्रैप का उपयोग करें।

