-दादा गुरु जी की नर्मदा यात्रा पूरी होने पर पदयात्रा कर की पूजा-अर्चना
-मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय और विश्वास सारंग सहित कई जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल
अनोखा तीर, खंडवा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को खंडवा जिले के पवित्र तीर्थ ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर में विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की और मां नर्मदा के पवित्र जल एवं दूध से भगवान ममलेश्वर का जलाभिषेक कर भोले बाबा को नमन किया। समाजसेवी एवं प्रवक्ता सुनील जैन ने बताया कि यह धार्मिक आयोजन दादा गुरुजी की चौथी नर्मदा यात्रा के समापन अवसर पर संपन्न हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। नर्मदा तट पर आयोजित इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ भाजपा संगठन के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, क्षेत्रीय विधायक नारायण पटेल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी, खंडवा विधायक कंचन मुकेश तनवे, सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, स्थानीय नागरिक तथा जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मां नर्मदा मध्य प्रदेश की जीवनदायिनी नदी है, और उसकी आराधना से समाज में सकारात्मक ऊर्जा तथा समृद्धि का संचार होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को बल मिलता है।
गजानन आश्रम से ममलेश्वर तक निकली पदयात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल तथा दादा गुरुजी के साथ ओंकारेश्वर के गजानन आश्रम से ममलेश्वर मंदिर तक नर्मदा जल का कलश लेकर पदयात्रा की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और स्थानीय नागरिक भी पदयात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया और वातावरण भक्तिमय बना रहा। पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और कई स्थानों पर रुककर लोगों से संवाद भी किया। ओंकारेश्वर क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन को लेकर दिनभर विशेष उत्साह का माहौल रहा।
ममलेश्वर मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना
ममलेश्वर मंदिर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां नर्मदा के जल और दूध से भगवान ममलेश्वर का जलाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर प्रदेश की उन्नति और जनता की खुशहाली की कामना की। मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे।
नर्मदा यात्रा का आध्यात्मिक महत्व
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि कई वर्षों से निराहार रहकर मां नर्मदा के जल का सेवन करते हुए दादा गुरुजी द्वारा आयोजित नर्मदा यात्रा को क्षेत्र में विशेष आध्यात्मिक महत्व प्राप्त है। इस यात्रा के माध्यम से समाज में मां नर्मदा के प्रति आस्था और धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाता है। मां नर्मदा की रक्षा और सुरक्षा तथा जीवनदायिनी नर्मदा के सदैव अविरल प्रवाह के संदेश को लेकर दादा गुरुजी द्वारा जन-अभियान भी चलाया जा रहा है। यात्रा के समापन समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्य रूप प्रदान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि दादा गुरुजी लगातार मां नर्मदा की परिक्रमा कर आमजन के जीवन में सुख-शांति की कामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज इस परिक्रमा के समापन कार्यक्रम में शामिल होकर भगवान ममलेश्वर की पूजा-अर्चना कर सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और मंगल की कामना की गई। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा और भगवान ममलेश्वर के दर्शन कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। पूरे आयोजन के दौरान ओंकारेश्वर क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।


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