Skip to content
Thursday, 22 October 2026
हरदा

टेमागांव शांतिधाम कुंआ चोरी मामले का खुलासा

4 min read
Text Size:

– सरपंच पति ने 2 लाख के लालच में गांव के दूसरे किसान के खेत में खुदवा दिया कुंआ
अनोखा तीर, हरदा। ग्राम पंचायत टेमागांव के शांतिधाम में मनरेगा योजना के तहत एक सार्वजनिक कुंआ का निर्माण कार्य किया जाना था। ग्राम पंचायत द्वारा सैंकड़ों मजदूरों की सहायता से लाखों की मजदूरी देकर कागजों पर तो यह कुंआ शांतिधाम में बनकर तैयार भी हो गया और लोग इसके शुद्ध पानी का उपयोग भी करने लगे, लेकिन वास्तविकता में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। कुंए के नाम पर शांतिधाम में एक छोटा-मोटा गड्ढा तक नहीं खोदा गया। अनोखा तीर को ग्राम पंचायत टेमागांव के  शांतिधाम के कुआं गायब होने की जानकारी प्राप्त हुई तो इस संबंध में 9 फरवरी 2026 को शांतिधाम का कुंआ चोरी की इस अनोखी वारदात को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। ग्राम पंचायत टेमागांव में हुए इस कुआं चोरी प्रकरण का खुलासा हो गया है। ग्राम पंचायत टेमागांव के ही किसान अनूप पिता राजाराम चौधरी ने कलेक्टर एवं एसपी को शिकायत कर सरपंच पति गणेश पटेल पर आरोप लगाते हुए, बताया कि उसकी कृषि भूमि टेमागांव में स्थित है। मुझे अपने खेत में कुंआ खुदवाना था, इसलिए कुंआ खुदवाने के संबंध में गांव में जानकारी ले रहा था कि सनïï् 2023 के जनवरी माह में सरपंच पति गणेश पटेल मेरे पास आया और बोला कि तुम कुंआ खुदवाने में क्यों पैसा लगा रहे हो। कुंआ खुदवाने में आधा पैसा सरकार देगी, और मनरेगा के अंतर्गत काम चालू हो जाएगा। तब मैंने जानकारी ली तो जानकारी मिली, इस प्रकार की योजना है। तब मैंने अपने खेत खसरा नंबर 168/1 स्थित ग्राम टेमागांव में कुंआ खुदवाने के लिए राजी हो गया। कुछ दिनों बाद सरपंच पति गणेश पटेल ने मनरेगा योजना के तहत मजदूरों के माध्यम से मेरे खेत में कुंआ खुदाई का कार्य भी प्रारंभ करवा दिया और मुझसे 3 किश्तों में 50-50 हजार रुपए लिए। आवेदक अनूप चौधरी ने बताया कि सरपंच पति गणेश पटेल ने मुझसे कहा था कि इस कुंए की लागत 4 लाख आएगी। आपको 2 लाख अपने पास से लगाना होगा और 2 लाख की राशि सरकार मनरेगा के तहत देगी। मैंने सरपंच पति को डेढ़ लाख रुपए दे दिए। सिर्फ 50 हजार देना बाकि था, लेकिन मुझे कुछ लोगों ने बताया कि यह जो कुंआ स्वीकृत हुआ था, वह शांतिधाम में खुदना था, लेकिन तुम्हारे खेत में पैसा लेकर खुदवा दिया गया। सरपंच पति की इस धोखाधड़ी के कारण मैंने जब सरपंच पति से डेढ़ लाख की राशि मांगी तो उसके द्वारा मुझे धमकाया गया। आवेदक अनूप चौधरी ने कहा कि सरपंच पति गणेश पटेल द्वारा शासन से शांतिधाम के लिए स्वीकृत हुए कुंए को फर्जीवाड़ा कर मुझसे नकद राशि प्राप्त करने के उद्देश्य से धोखाधड़ी का कार्य किया है। इसलिए सरपंच पति पर कार्यवाही कर मेरी राशि वापस दिलाई जाए। शांतिधाम में ग्राम पंचायत द्वारा कुंए संबंधी कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया गया है।
कुंआ चोर को बचाने में लगे अधिकारी
जिले में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो गई है कि यदि भ्रष्टाचार का कोई मामला समाचार पत्र द्वारा उजागर किया जाता है, तो जिले के आला अधिकारी इसे मोटा पैसा कमाने का अवसर समझकर लाभ उठाने जुट जाते हैं। टेमागांव ग्राम पंचायत की ही बात करें तो यहां के सरपंच-सचिव ने शांतिधाम का कुंंआ ही गायब कर दिया। इसके बावजूद जिले के आला अधिकारी ऐसे भ्रष्ट सरपंच, सचिव के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाए उन्हें बचाने में लग गए हैं। वहीं जिन लोगों ने इस वारदात को अंजाम दिया वह सोशल मीडिया पर लोगों को आकर कुंआ देखने और उसका पानी पिलाने और अपने घर का भोजन कराने की बात कर बिना किसी डर के अपनी ताकत का इजहार कर रहें हैं।

75 Views
What do you think?

Leave a Reply