– एनसीएल क्षेत्र में पर्यावरण पुनर्स्थापना की बड़ी योजना, 34.74 करोड़ के कार्य प्रस्तावित
गणेश पांडे, भोपाल। म.प्र. राज्य वन विकास निगम द्वारा डिपॉजिट कार्य के तहत वर्ष 2026-27 में व्यापक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण पुनर्स्थापना अभियान चलाया जाएगा। निगम की रीवा-सीधी परियोजना गड़हल के माध्यम से नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) से अनुबंध निष्पादित कर सिंगरौली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधरोपण एवं रखरखाव कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। योजना के तहत समतल एवं ओवरबर्डन क्षेत्र में कुल 178 हेक्टेयर में 4.45 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त रोड साइड वृक्षारोपण अंतर्गत 10.02 हेक्टेयर में 0.255 लाख पौधे, गैप प्लांटेशन के तहत 20 हेक्टेयर में 0.50 लाख पौधे तथा मियावाकी पद्धति से 2 हेक्टेयर में 0.70 लाख पौधे रोपे जाएंगे। इस प्रकार कुल 5.905 लाख पौधों का रोपण एवं रखरखाव कार्य संपादित किया जाएगा। साथ ही 243 हेक्टेयर क्षेत्र में घास रोपण का कार्य भी किया जाएगा। इन समस्त कार्यों के लिए लगभग 34.74 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है। कार्य पूर्ण होने पर वन विकास निगम
को पर्यवेक्षण शुल्क के रूप में लगभग 5.87 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम वर्ष हेतु 19.36 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होने की संभावना है।
पर्यावरण सुधार की दिशा में पहल
एनसीएल द्वारा प्रस्तावित खनन कार्यों से प्रभावित क्षेत्रों में उत्पन्न पारिस्थितिक क्षति की भरपाई हेतु यह योजना तैयार की गई है। पुनर्वनीकरण एवं वैज्ञानिक पद्धतियों से वृक्षारोपण कर प्रभावित क्षेत्र को प्राकृतिक जंगल के रूप में विकसित करने तथा पारिस्थितिक तंत्र की पुनर्स्थापना करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
मियावाकी पद्धति से घना वन
मियावाकी तकनीक के माध्यम से सीमित क्षेत्र में अधिक सघन और तीव्र गति से विकसित होने वाले वन तैयार किए जाएंगे, जिससे जैव विविधता में वृद्धि और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिलेगी।
रोजगार और हरित आवरण में वृद्धि
इस अभियान से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे तथा क्षेत्र में हरित आवरण बढ़ाकर जलवायु संतुलन एवं वायु गुणवत्ता में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
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