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Friday, 16 October 2026
हरदा

विद्युत विभाग की लापरवाही

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-आठ फीट ऊंचाई पर लगे बिजली तारों से हादसे की आशंका
अनोखा तीर, मसनगांव। स्टेट हाईवे से पलासनेर जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों पर विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लगभग आठ फीट की ऊंचाई पर बिजली के तार लगाए गए हैं। तारों की ऊंचाई कम होने के कारण इस मार्ग पर दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में जब सड़क का निर्माण नहीं हुआ था, तब विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लाइन को पलासनेर तक ले जाया गया था, जिससे कुछ किसानों के खेतों में भी बिजली आपूर्ति की गई। 11 केवी लाइन के खंभों पर एक लाइन ऊपर की ओर दी गई है, जबकि दूसरी लाइन उसी खंभे के नीचे से निकाली गई है। सड़क की ऊंचाई बढ़ने के बाद तारों की ऊंचाई और कम पड़ गई है, जिससे वाहनों के टकराने का खतरा बना रहता है। ग्रामीण दीनबंधु और दीपक सहित अन्य लोगों ने बताया कि सड़क ऊंची होने के कारण अब तार बेहद नीचे दिखाई देने लगे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं सुनील पुनासे, अज्जू खान और राकेश रायखेरे ने बताया कि मसनगांव से पलासनेर को जाने वाली 11 केवी लाइन का उचित रखरखाव नहीं होने से तार झूलने लगे हैं। किसानों को खेतों में जाने के दौरान रास्ते पर लटकते तारों के नीचे से निकलना पड़ रहा है, जो किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। किसानों का कहना है कि विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को तारों की ऊंचाई बढ़ाने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। किसानों ने यह भी बताया कि फसल कटाई के समय समस्या और बढ़ जाएगी, क्योंकि नीचे लटके तारों के कारण हार्वेस्टर खेतों तक नहीं पहुंच पाएंगे। किसानों ने विद्युत वितरण कंपनी से बिजली के तारों को ऊंचा कर व्यवस्थित करने की मांग की है।
सड़क के दोनों ओर लटक रहे तार
गांगला बस स्टैंड के सामने पलासनेर मार्ग पर सड़क के दोनों ओर बिजली के खंभों से तार खींचकर बिजली आपूर्ति की जा रही है। लाइन के उचित मेंटेनेंस के अभाव में तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे किसानों के साथ-साथ राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान बंधु गुर्जर ने बताया कि नीचे लटके तारों के कारण आवागमन में दिक्कत बनी रहती है। इस संबंध में अधिकारियों को तार ऊंचा करने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन सुनवाई नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है।

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