अनोखा तीर, हरदा। नेशनल टास्क फोर्स के मार्गदर्शन में मानसिक स्वास्थ्य विषय पर एक महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन शासकीय आदर्श महाविद्यालय, हरदा में किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य विजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित इस परिचर्चा का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराना तथा वर्तमान समय में बढ़ती मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर सकारात्मक संवाद स्थापित करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य विजय अग्रवाल के अध्यक्षीय उद्बोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहलू है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक एवं तनावपूर्ण वातावरण में मानसिक संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच अपनाने तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। परिचर्चा के दौरान डॉ. माया रावत ने मानसिक स्वास्थ्य की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मानसिक स्वास्थ्य केवल मानसिक रोगों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि भावनात्मक संतुलन, आत्मविश्वास एवं सामाजिक सामंजस्य की अवस्था है। उन्होंने तनाव, चिंता एवं अवसाद के कारणों पर चर्चा करते हुए उनके समाधान भी सुझाए। डॉ. सोनिका बघेल ने मानसिक स्वास्थ्य एवं जीवनशैली के संबंध पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने योग, ध्यान, नियमित व्यायाम एवं संतुलित दिनचर्या को मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। साथ ही विद्यार्थियों को नकारात्मक विचारों से दूर रहकर आत्म-स्वीकृति विकसित करने की सलाह दी। डॉ. अंतिमा कनेरिया ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों एवं कलंक पर चर्चा करते हुए कहा कि मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय खुलकर संवाद करना चाहिए। समय पर सहायता लेने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें सहायक प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
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