अनोखा तीर, रहटगांव। समावेशी कप 2026 के जिला-स्तरीय लीग मैच समावेशी रूप से संपन्न हुए। राज्य स्तर के लिए रहटगांव मैदान पर गाड़ामोड़ और मन्नासा टीमें लीग मैच फाइनल में पहुंचीं, जबकि कायदा मैदान पर बोरपानी टीम सुपर सिक्सटीन में शामिल हुई। जब मैदान पर लड़कियां और लड़के एक ही टीम की जर्सी में उतरे, तो यह सिर्फ क्रिकेट मैच नहीं था, बल्कि बराबरी, सम्मान और सामाजिक बदलाव का जीवंत उदाहरण बना। समावेशी कप 2026 के अंतर्गत हरदा जिले के रहटगांव और कायदा में आयोजित जिला-स्तरीय लीग मैच पूरे उत्साह, ऊर्जा और खेल भावना के साथ संपन्न हुए। इन मुकाबलों में दोनों ही स्थानों पर 16-16 मिक्स्ड-जेंडर टीमों के कुल 208 खिलाड़ियों ने भाग लिया। मैदान पर हर रन, हर विकेट और हर कैच ने यह संदेश दिया कि जब अवसर समान हों, तो नेतृत्व, आत्मविश्वास और प्रतिभा हर युवा में उभरकर सामने आती है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गोविन्द पालीवाल, विशेष अतिथि नजरपुरा की सरपंच श्रीमती आशा किरार, रहटगांव सरपंच सुमत्रा रंगीले एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि श्रवण जोशी, शिवशंकर ढोल्या, प्रदीप मालवीय सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्य अतिथि गोविन्द पालीवाल ने अपने संबोधन में कहा, समावेशी कप जैसे आयोजन समाज की उस सोच को बदलते हैं, जहां आज भी लड़कियों की भागीदारी पर सवाल उठते हैं। यहां लड़कियां सिर्फ खेल नहीं रहीं, बल्कि नेतृत्व कर रही हैं। नजरपुरा सरपंच ने कहा, यह टूर्नामेंट आने वाली पीढ़ी को यह सिखा रहा है कि समानता कोई विचार नहीं, बल्कि व्यवहार है। कड़े मुकाबलों और रोमांचक खेल के बाद निम्न टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य-स्तरीय समावेशी कप 2026 के लिए लीग मैच में फाइनल में प्रवेश किया। विजेता टीमें इस प्रकार हैं। रहटगांव मैदान से गाडामोड और मन्नासा लीग मैच फाइनल में, जबकि कायदा मैदान पर बोरपानी टीम सुपर सिक्सटीन में शामिल हुई। इन टीमों ने न केवल खेल कौशल, बल्कि टीम भावना, अनुशासन और लैंगिक समानता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। उल्लेखनीय है कि समावेशी कप 2026 का आयोजन सिनर्जी संस्थान हरदा द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किया गया। यह टूर्नामेंट आठ जिलों की 200 मिक्स्ड-जेंडर टीमों और 2200 से अधिक खिलाड़ियों को एक साझा मंच पर लाने की ऐतिहासिक पहल है। आगामी चरणों में चयनित टीमें नेहरू स्टेडियम, हरदा में होने वाले राज्य-स्तरीय मुकाबलों में हिस्सा लेंगी, जहाँ 51 हजार प्रथम पुरस्कार, 31 हजार द्वितीय, 21 हजार तृतीय और 11 हजार चतुर्थ पुरस्कार निर्धारित हैं। समावेशी कप का मुख्य उद्देश्य खेल के माध्यम से लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। इस टूर्नामेंट में लड़कियों को टीम की कप्तान बनाकर और लड़कों को सहायक भूमिका में रखकर यह संदेश दिया जा रहा है कि खेल के मैदान पर सभी का समान अधिकार है। यह पहल ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में युवाओं को नेतृत्व कौशल विकसित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और समाज में व्याप्त रूढ़ियों को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आयोजन केवल युवा खिलाड़ियों के लिए नहीं, बल्कि समुदाय, माता-पिता और स्थानीय लोगों के लिए भी प्रेरणा है कि वे लैंगिक समानता का समर्थन करें। इस आयोजन की सफलता में कोच, स्वयंसेवकों, अंपायर, अभिभावकों, स्थानीय प्रशासन, समुदाय और सिनर्जी टीम का अहम योगदान रहा। समावेशी कप यह सिद्ध करता है कि हक़ है समान, सभी का है मैदान।

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