ग्रामीण बचपन की यादों को ताजा करता अनोखा दृश्य

WhatsApp Image 2025-09-19 at 11.24.35 PM

अनोखा तीर, रहटगांव। नगर में एक बच्चे द्वारा भैंस की सवारी करते हुए लिया गया फोटो इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यह तस्वीर अपने आप में अनोखी है, जिसे देखते ही ग्रामीण अंचल में रहने वालों को अपना बचपन याद आ जाता है। यह दृश्य बचपन की उन मासूम, बेफिक्र और सरल यादों को सामने ले आता है, जो अक्सर गांवों में देखने को मिलती हैं। ग्रामीण जीवन में बच्चों के लिए भैंस की पीठ किसी आलीशान सवारी या ऊंचे सिंहासन से कम नहीं होती। भैंस पर सवारी करना बच्चों के लिए इसलिए भी आसान हो जाता है, क्योंकि भैंस को आमतौर पर एक शांत और सहनशील जानवर माना जाता है। जब बच्चे उसकी पीठ पर बैठते हैं, तो यह इंसान और जानवर के बीच के गहरे जुड़ाव, भरोसे और अपनत्व को दर्शाता है। वह भारी-भरकम जानवर बच्चों की चंचलता को बड़ी सहजता से स्वीकार कर लेता है। जहां शहरों में बच्चे मोबाइल, वीडियो गेम या पार्कों तक सीमित हो गए हैं, वहीं गांवों में प्रकृति और पशु ही बच्चों के सबसे अच्छे साथी होते हैं। गांव के बच्चों के लिए भैंस की सवारी किसी एडवेंचर स्पोर्ट्स से कम रोमांचक नहीं होती। मिट्टी, खेत, पशु और खुला आसमान उनके बचपन का हिस्सा होते हैं। भैंस की चौड़ी पीठ पर बिना किसी डर के बैठना बच्चों के निडर स्वभाव को भी दर्शाता है। उनके लिए यह ऊंचाई डर का कारण नहीं, बल्कि दुनिया को एक नए नजरिए से देखने का माध्यम होती है। यह दृश्य न सिर्फ एक बच्चे की सवारी को दिखाता है, बल्कि ग्रामीण जीवन की सादगी, आत्मीयता और बचपन की खूबसूरत यादों को भी जीवंत कर देता है।

Views Today: 6

Total Views: 78

Leave a Reply

लेटेस्ट न्यूज़

MP Info लेटेस्ट न्यूज़

error: Content is protected !!