-सर्वब्राह्मण समाज ने किया कथाव्यास का सम्मान
अनोखा तीर, हरदा। नगर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस पर कथा स्थल भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। कच्छकड़वा धर्मशाला के पीछे, पुरानी गल्ला मंडी स्थित कथास्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर सर्वब्राह्मण समाज जिला हरदा द्वारा कथास्थल पहुंचकर कथा व्यास पं. विद्याधर उपाध्याय का भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। र्ब्राह्मण समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुष्पमालाएं अर्पित कर तथा भगवा वस्त्र पहनाकर कथा व्यास का सम्मान किया। सम्मान समारोह में समाज के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे, जिन्होंने धर्म, संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया। कथा वाचक पं. विद्याधर उपाध्याय ने श्रीमद्भागवत के तृतीय स्कंध के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के विविध अवतारों, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति तथा कपिल मुनि द्वारा माता देवहूति को दिए गए ज्ञान उपदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कर्म, भक्ति और ज्ञान के समन्वय को मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक बताया। कथा के शुभारंभ के साथ ही मधुर भजनों और हरिनाम संकीर्तन से संपूर्ण पंडाल भक्तिरस में डूब गया। मंजीरों और हारमोनियम की सुमधुर स्वर लहरियों के बीच हरि बोल और जय श्रीकृष्ण के जयघोष गूंजते रहे, वहीं अनेक श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर भावविभोर नजर आए। कथा व्यास ने कहा कि जब मनुष्य अहंकार का त्याग कर ईश्वर की शरण में आता है, तभी उसके जीवन में सच्चे आनंद और शांति का संचार होता है। उन्होंने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा केवल श्रवण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को धर्म और सदाचार की दिशा देने वाला मार्गदर्शक ग्रंथ है। आयोजन समिति ने जानकारी दी कि श्रीमद् भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 1 से 4 बजे तक आयोजित की जा रही है। कथा का समापन 3 जनवरी 2026 को पूर्णाहुति एवं महाप्रसादी के साथ होगा। आयोजन समिति एवं महिला मंडल द्वारा समस्त व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रूप से संभाली जा रही हैं।
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