मेले के माध्यम से बच्चों की क्षमता का आंकलन
– हंडिया संकुल के 28 विद्यालयों में मेले का आयोजन
अनोखा तीर, हरदा। निपुण भारत मिशन अंतर्गत शासकीय शालाओं में एफएलएन मेले का आयोजन तीन चरणों में किया जाता है। जिसके तहत मंगलवार को जिलेभर की शासकीय प्राथमिक शालाओं में मेले का आयोजन हुआ। इसी क्रम में जन शिक्षा केन्द्र हंडिया अंतर्गत 28 शासकीय प्राथमिक शालाओं में मेले का द्वितीय चरण आयोजित किया गया। जिसमें कक्षा पहली एवं दूसरी में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के आंकलन के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ साथ उनके माता-पिता की सहभागिता रही। इस मौके पर विभिन्न बौद्धिक स्टालों के माध्यम से विद्यार्थियों की प्रगति को देखा गया। उपस्थित विद्यार्थियों ने खेल समेत अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मेले संबंधी जानकारी ऑनलाइन अपलोड की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार एफएलएन यानि फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमैरेसी जिसका अर्थ बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान है। एफएलएन मेले का मूल उद्देेश्य 3 से लेकर 9 वर्ष तक के सभी बच्चों का वर्ष 2026-27 तक समग्र विकास करना है। जन शिक्षक अनूप शर्मा ने बताया कि विद्यालय में मेले का आयोजन करने से बच्चों का सर्वांगीण विकास हो रहा है। जिससे विद्यालय में शिक्षा का स्तर एवं बच्चों की उपस्थिति में सुधार आया है। एफएलएन मेले से विद्यालयों को सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं।
मेले का उद्देश्य…
शारीरिक विकास – बच्चों की शारीरिक क्षमता का आंकलन। जिसमें संतुलन बनाकर आड़ी टेढ़ी लाइन पर चलना एवं रस्सी कूद हाथ तथा हाथ से निशाना लगाना शामिल है।
बौद्धिक विकास – बच्चों की बौद्धिक क्षमता का आंकलन। जिसमें बच्चों से पैटर्न, गायब हिस्सों की पहचान , मुद्रा पहचान व लेनदेन के बारे में समझाते हैं।
भाषा विकास – बच्चों की भाषा का आकलन किया जाता है। जिसमें बच्चों को चित्र दिखाकर उसका वाचन कराना, अक्षर या वर्ण, सरल शब्द पढ़ने को देना शामिल है।
गणित की तैयारी – बच्चों में गणित क्षमता बढ़ाने कंकड के माध्यम से गिनना, अंक कार्ड से अंक पहचान, घटते- बढ़ते क्रम में गिनना और तुलना करना शामिल है।




