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Friday, 16 October 2026
हरदा

देश के प्रति बलिदान की भावना से प्रेरित करता है शिशु मंदिर  का वातावरण : कैलाश धनगर

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-पथ संचलन के साथ समाप्त हुई प्रांत स्तरीय घोष प्रतियोगिता
अनोखा तीर, हरदा। विद्या भारती मध्यभारत प्रान्त की योजनानुसार स्थानीय सीबीएसई सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय प्रांत स्तरीय घोष प्रतियोगिता का समापन आज वीर बाल बलिदान दिवस पर नगर के मुख्य मार्गों से निकाले गए पथ संचलन के साथ हुआ। उल्लेखनीय है कि प्रांत स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रांत के विभिन्न जिलों से बाल एवं किशोर वर्ग के 14 घोष दलों के 200 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। घोष प्रतियोगिता एवं प्रदर्शन कार्यक्रम में विभिन्न रचनाओं के आधार पर प्रस्तुतियां दी गईं। नेहरू स्टेडियम में समापन समारोह श्री गुरुद्वारा सिंह सभा, हरदा के ग्रंथी ज्ञानी राजवीर सिंह खालसा की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता कैलाश धनगर क्षेत्र प्रमुख शारीरिक शिक्षा, मध्यक्षेत्र रहे। मुख्य अतिथि सतीश अग्रवाल प्रांत प्रमुख, घोष परिषद मध्यभारत प्रान्त तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएस रघुवंशी जिला शिक्षा अधिकारी, हरदा विशेष रूप से उपस्थित थे। समापन समारोह को कैलाश धनगर, सतीश अग्रवाल, डीएस रघुवंशी एवं ज्ञानी राजवीर सिंह खालसा ने संबोधित किया। इससे पूर्व मंचस्थ अतिथियों द्वारा विद्या दायिनी मां सरस्वती, प्रणवाक्षर ऊं एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर समापन समारोह का शुभारंभ किया गया। मंच पर श्री गुरु गोबिंद सिंह के साहबजादों के चित्र पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर उन्हें ससम्मान स्मरण किया गया। अतिथि परिचय एवं स्वागत उपरांत प्रतियोगिता में सहभागिता कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दलों के छात्र-छात्राओं को शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य वक्ता कैलाश धनगर ने सरस्वती शिशु मंदिर की स्थापना से लेकर आज तक की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए घोष के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर का वातावरण शिक्षा और संस्कार देने के साथ देश के लिए त्याग और बलिदान की भावना से प्रेरित करने का वैशिष्ट्य भी रखता है। सरस्वती शिशु मंदिर से निकले पूर्व छात्र-छात्रा आज समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिष्ठापूर्ण स्थानों पर कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर ज्ञानी राजवीर सिंह खालसा ने गुरुओं की बलिदानी परंपरा तथा देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा में उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए। जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी ने विद्या भारती की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन नियमित रूप से होते रहना चाहिए। अतिथि उद्बोधन एवं पुरस्कार वितरण के पश्चात घोषवादन के साथ पथ संचलन प्रारंभ हुआ, जो स्टेडियम से नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए सरस्वती शिशु मंदिर गुलजार भवन, हरदा पर संपन्न हुआ। पथ संचलन के दौरान कदमताल मिलाकर चलते हुए प्रतिभागियों का विभिन्न स्थानों पर दर्शकों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। पूरे आयोजन में नगर पालिका परिषद, जिला ओलंपिक संघ, पुलिस विभाग सहित सभी का सहयोग प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में विद्या भारती मध्यभारत प्रान्त नगरीय शिक्षा के सह प्रांत प्रमुख दीपक चंदेला, नर्मदापुरम के विभाग समन्वयक सौरभ उपाध्याय, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला प्रचारक प्रशांत, स्थानीय विद्यालय समिति अध्यक्ष आलोक जैन, सचिव संदीप केकरे, ग्राम भारती जिला समिति सचिव अनिरुद्ध तंवर, जिला प्रमुख हरिशंकर सैनी, योगेश माकवे, जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष संदीप पटेल, डॉ.प्रभुशंकर शुक्ल, मगनलाल धनगर, विक्रमादित्य टांक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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