अनोखा तीर, हरदा। शासकीय भाऊ साहब भुस्कुटे महाविद्यालय, टिमरनी में जनभागीदारी समिति की सामान्य परिषद की बैठक पदेन अध्यक्ष एवं कलेक्टर सिद्धार्थ जैन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जनभागीदारी समिति के प्रभारी डॉ. अरुण कुमार सिकरवार ने महाविद्यालय में विगत वर्षों में संपादित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रगति से सदस्यों को अवगत कराते हुए वर्तमान बैठक के प्रस्तावित बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी, जिन पर उपस्थित सदस्यों द्वारा सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर ने महाविद्यालय के समग्र विकास पर बल देते हुए विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों के प्रति जागरूक करने, आधुनिक खेल सुविधाओं के विस्तार, डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता बढ़ाने तथा रोजगारोन्मुखी एवं कंप्यूटर आधारित पाठ्यक्रमों को सशक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ खेल अधोसंरचना से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना एवं शारीरिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि महाविद्यालय में कार्यरत सभी नियमित प्राध्यापक, अतिथि विद्वान, जनभागीदारी समिति के अंतर्गत कार्यरत शिक्षक एवं कर्मचारी अपनी दैनिक उपस्थिति सार्थक ऐप के माध्यम से अनिवार्य रूप से दर्ज करें। सभी के लिए न्यूनतम छह घंटे की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। सार्थक ऐप में दर्ज उपस्थिति को कार्य अनुशासन, दायित्व निर्वहन, गोपनीय चरित्रावली संधारण एवं भविष्य में मानदेय निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनभागीदारी समिति के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावलियों का विधिवत संधारण किया जाए तथा उनके कार्य निष्पादन, नियमितता एवं अनुशासन के आधार पर मानदेय का निर्धारण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जेके जैन, जनभागीदारी समिति सदस्य गायत्री गोयल (पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष), राजेश जैन, हिमांशु बंसल, अरुण कुमार तिवारी, मुकेश शांडिल्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शासकीय उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य की ओर से प्रतिनिधि मनीष सोनकिया तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य की ओर से प्रतिनिधि डॉ. मुकेश कुमार तिवारी भी उपस्थित रहे। बैठक में महाविद्यालय के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया। प्रमुख निर्णयों में विगत वर्षों के कार्यों की समीक्षा, खेल मैदान के समतलीकरण का प्रस्ताव, नवीन पाठ्यक्रमों के अंतर्गत बी.ए. में संस्कृत एवं अंग्रेजी साहित्य विषय प्रारंभ करने पर चर्चा शामिल रही। साथ ही जनभागीदारी समिति के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि तथा नियमित एवं स्वाध्यायी विद्यार्थियों के शुल्क में प्रतीकात्मक वृद्धि के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। बैठक के अंत में डॉ. सुनीत काशिव ने आभार व्यक्त किया।
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